कलक्टर ने अवैध शराब से जुड़े परिवारों का प्रभावी पुनर्वास करने के दिए निर्देश


शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार पर फोकस करते हुए कार्य करने को कहा

चित्तौडग़ढ़ (हलचल)।  अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण एवं विक्रय में लिप्त परिवारों के पुनर्वास हेतु नवजीवन योजना की समीक्षा बैठक कलक्टर समिति कक्ष में जिला कलक्टर केके शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कलक्टर ने विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों से नवजीवन योजना की प्रगति को लेकर बिन्दुवार चर्चा कर आवश्यक निर्देश प्रदान करते हुए योजना का अधिकाधिक लाभ पात्र लोगों को पहुँचाने के निर्देश दिए। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जे पी अरोड़ा ने अलग-अलग विभागों से प्राप्त हुए प्रगतियों की जानकारी से कलक्टर को अवगत कराया। इसी के साथ विभागों ने भी कलक्टर को योजना के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार दशोरा ने बताया कि अवैध शराब से जुड़े परिवारों के बच्चों का सर्वे करवा कर उन्हें स्कूल लाने का कार्य किया जा रहा है, इन बच्चों का अगले सत्र से एडमिशन हो जाएगा। आरएसएलडीसी ने बताया कि उनके द्वारा कई कोर्स चलाए जा रहे हैं जिनसे ऐसे परिवार जुड़ कर लाभ ले सकते हैं। श्रम विभाग द्वारा भी जानकारी दी गई कि कई श्रमिकों के श्रमिक कार्ड बनाए हैं और हर संभव बैठक में जिला कलक्टर ने जिला रसद अधिकारी विनय कुमार को निर्देश दिए कि अवैध और हथकड़ शराब से जुड़े परिवारों का सर्वे करवाएं एवं जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट से नहीं जुड़े है, उन्हें जोड़ कर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग के उपाधीक्षक मनीष शर्मा से कहा कि कच्ची बस्ती और अन्य इलाकों में जाकर अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें।

बैठक में जिला कलक्टर ने कुछ अधिकारियों द्वारा बिना तैयारी के बैठक में आने पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि बैठकों को गंभीरता से लें और आपसी समन्वय, पर्याप्त जानकारी और बेहतर तयारी के साथ ही आएं ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वन सुनिश्चित किया जा सके। कलक्टर ने सभी को निर्देशित करते हुए कहा कि अवैध शराब से जुड़े परिवारों के पुनर्वास हेतु इस योजना को लेकर गंभीरता बरतें और पात्र लोगों को लाभ दें। जिला कलक्टर ने कह कि हमें निरंतर कार्रवाई करनी होगी, अवैध शराब से जुड़े परिवारों को मुख्य धारा में लाना होगा, शिक्षा-ट्रेनिंग-रोजगार पर जोर देना होगा और नई सोच के साथ आगे आकर कार्य करना होगा।

बैठक में एडीएम भूमि अवाप्ति अम्बालाल मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरुण दशोरा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कल्याणी दीक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शांतिलाल सुथार, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक राजकुमारी खोरवाल, समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक जे पी अरोड़ा, सीएमएचओ डॉ रामकेश गुर्जर, पुलिस उपाधीक्षक मनीष कुमार शर्मा, पीआरओ प्रवेश परदेशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण एवं विक्रय में लिप्त व्यक्तियों/समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास तथा पुनर्वास (यथा आजीविका के वैकल्पिक अवसर/संसाधन उपलब्ध कराना, अशिक्षा को दूर करना एवं उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना) हेतु नवजीवन योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना में परिवारों का सर्वे/चिन्हीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास, प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आश्रित बच्चों के शैक्षणिक विकास हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

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