Tuesday, March 2, 2021

शाहपुरा में अणुव्रत स्थापना दिवस पर संगोष्ठि व मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित

 


 

शाहपुरा -(मूलचन्द पेसवानी)

अणुव्रत विश्व भारती के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर सोमवार को शाहपुरा में अणुव्रत आंदोलन के स्थापना दिवस के मौके पर माताश्रय भवन में अणुव्रत संगोष्ठि व मीडिया के साथ अणुव्रत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति शाहपुरा के अध्यक्ष रामस्वरूप काबरा, संयोजक गोपाल पंचोली, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चांदमल मुंदडा, आर्य समाज के पूर्व प्रधान कन्हैया लाल आर्य, जैन श्रावक संघ के संरक्षक देवेंद्र सिंह बूलिया, एडवोकेट अखिल व्यास, रामचरित मानस मंडल के पंडित रघुनाथ वैष्णव, संचिना कला संस्थान के अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक सहित पत्रकार साथी मौजूद रहे।
अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप काबरा व संयोजक गोपाल पंचोली की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में शाहपुरा समिति के पदाधिकारियों व छात्राओं को अणुव्रत आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया गया तथा प्रत्येक व्यक्ति से अणुव्रती बनने का आव्हान किया गया।
संयोजक गोपाल पंचोली ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहा कि अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में अणुव्रत की प्रतिनिधि केन्द्रिय संस्था अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी अपने बहुविध कार्यक्रमों के माध्यम से अणुव्रत जीवन शैली को व्यैक्तिक और वैश्विक समस्याओं के समाधान के रूप् में प्रस्तुत कर रही है। 01 मार्च 1949 को आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन का प्रवर्तन किया था। आचार्य तुलसी का मानना था कि जबतक भारत का नागरिक अनैतिकता, हिंसा, सांप्रदायिक विद्वेष और रूढ़िवादी सोच से आजाद नहीं होगा, देश की आजादी अधुरी रहेगी। पंचोली ने कहा कि छोटे छोटे संकल्पों द्वारा अंतर्निहित मानवीय क्षमता के विकास के द्वारा स्वानुशासन से जीवन को उन्नत करने का सर्वकल्याणकारी मार्ग अणुव्रत है।
अणुव्रत समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप काबरा ने कहा अणुव्रत आंदोलन मानवीय विचार धारा का एक विशिष्ट आंदोलन है। इस आंदोलन के माध्यम से मूल्यों की आचार संहिता का वरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अणुव्रत आंदोलन के प्रवर्तक आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से जाति, रंग, धर्म, संप्रदाय से हटकर मानव मात्र के नैतिक विकास के लिए अणुव्रत आंदोलन का सूत्रपात किया। अणुव्रत के माध्यम से संपूर्ण विश्व स्तर पर नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने ने अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से समाज में बढ़ रहे वैमनस्य को मिटाने का आह्वान किया। उसी प्रकार अणुव्रत के नियमों पर सभी धर्म, जाति, वर्ग के लोग चलकर शान्त जीवन जी सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज अशान्त दुनियां को अणुव्रत शान्ति का दान दे सकता है। अणुव्रत की आचार संहिता में हर समस्या का समाधान निहित है।
इस मौके पर अणुव्रत की सहयोगी संस्था संचिना कला संस्थान के अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक ने कहा कि इस बार प्रथम चरण में देश विदेश में 500 अणुव्रत अंबेसडर्स तैयार करने का लक्ष्य है। ये कार्यकर्ता अणुव्रत जीवन शैली के स्वयं प्रयोक्ता होगें और जनज न में इस जीवन शैली के प्रसार हेतु कार्य करेगें। अलग अलग जाति धर्म, संप्रदाय को मानने वाले ये अणुव्रत अंबेसडर्स एक आदर्श समाज रचना का रचनातमक उदाहरण प्रस्तुत करेगें।