मुख्यमंत्री का संवेदनशील निर्णय- मृतक राशन डीलर के आश्रितों को अनुकम्पात्मक डीलरशिप के प्रावधानों में सरलीकरण को दी मंजूरी

 जयपुर, हलचल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राशन डीलर के आश्रितों को अनुकम्पात्मक डीलरशिप देने के प्रावधानों में सरलीकरण करने के प्रस्ताव को मंंजूरी दी है। श्री गहलोत की इस मंजूरी के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में नया परिपत्र जारी किया जाएगा। 

 

प्रस्ताव के अनुसार, अब मृतक राशन डीलर की पौत्र, पौत्री एवं पुत्रवधु भी अनुकम्पात्मक डीलरशिप के लिए पात्र होंगे। साथ ही दुकान आवंटन के लिए मृतक की विधवा सहित अन्य वारिसों की अधिकतम आयु सीमा अब 45 वर्ष के स्थान पर 55 वर्ष होगी।  गहलोत के इस संवेदनशील निर्णय से मृतक आश्रित परिवारों को सम्बल मिल सकेगा। 

 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वित्त एवं विनियोग विधेयक 2021-22 पर चर्चा के दौरान मृतक राशन डीलर के आश्रितों को अनुकम्पात्मक डीलरशिप दिए जाने के नियमों में सरलीकरण करने की घोषणा की थी।   गहलोत ने गुड गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए नया वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने से पूर्व ही वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा में की गई घोषणाओं को मूर्त रूप दिए जाने की शुरूआत कर दी है।

8 प्रकरणों में शिथिलता के प्रस्ताव को स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने मृतक राशन डीलर के आश्रितों को अनुकम्पात्मक डीलरशिप देने के लिए 8 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इनमें आयु एवं शैक्षणिक योग्यता में छूट तथा आवेदन में विलम्ब से संबंधित प्रकरण शामिल हैं।   गहलोत ने इन प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय करते हुए आश्रित परिवारों को राहत प्रदान की है।   


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