तोते को चढ़ा अफीम का स्वाद, अफिम काश्तकार चिंतित


सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ) आमतौर पर मिर्ची व टमाटर को खाने वाला तोता इन दिनों अफीम काश्तकारों के लिए सिरदर्द सा बना हुआ है | क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से तोतो को मिर्ची व टमाटर के स्वाद से ज्यादा अफीम का स्वाद भा रहा है | जिस कारण तोते अफीम के खेतों में पौधौ पर बनने वाले डोडे को खाकर अपना शौक पूरा कर रहे हैं | तो दुसरी और अफीम काश्तकारों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं | जिसके बचत के लिए अफीम काश्तकार, हरसंभव अलग, अलग जुगत लगा रहे हैं | सवाईपुर कस्बे सहित सोपुरा, सालरिया, ड़साणिया का खेड़ा, बड़ला, बनकाखेड़ा, खजीना, होलिरड़ा गांवों में अफीम की फसल की बुवाई की गई | इन दिनों अफीम के पौधों पर डोडों पर चिरा लगाने व दूध लेने की प्रक्रिया चल रहे हैं | तो तोते उन डोडो को खाने में लग गए | जिसके चलते काश्तकारों को नुकसान हो रहा है | अफीम काश्तकार इन तोतों की इस करतूत से काफी परेशान है, क्योंकि तोते को हरी मिर्च व टमाटर खाना पसंद होता है | लेकिन इस बार तो तोतों को काले सोने का स्वाद चट चुके हैं | वही यह स्वाद उनके जीभ को खूब भा रहा है | किसान इससे बचने के लिए अफीम के खेत की फसल के चारों तरफ व ऊपर जाली लगाकर अफीम के पौधों की सुरक्षा कर रहे हैं, ताकि उनको नुकसान नहीं होगा और वो बराबर मार्फिन व औसत जमा कर सके ||

इस बार सभी किसान भाइयों ने तोतों से बचाव के लिए अफीम की फसल के ऊपर जाली लगा रहे हैं क्योंकि तोते अफीम की फसल के डोडे को खाकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं | जो इस जाली के लगाने से बचाव हो रहा हैं ||

भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बद्रीलाल तेली

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