Thursday, March 25, 2021

ओपीडी सुविधा को कैशलेस करने वाला पहला राज्य बनेगा राजस्थान


 जयपुर । राज्य सरकार की अभिनव पहल राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में निजी चिकित्सालयों को भागीदार बनाने एवं गुणवत्तापूर्ण कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और प्रोत्साहित करने के लिए गुरूवार को यहां बीमा भवन में कार्यशाला आयोजित की गयी। राजस्थान बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सुविधा को कैशलेस करने वाला पहला राज्य बनेगा।

 

राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक  किशनाराम ईशरवाल ने बताया कि योजना के अन्तर्गत सेवारत एवं सेवानिवृत राज्य एवं केन्द्र कार्मिकों, राज्य सरकार के स्वायत्तशासी संस्थाओं, बोर्ड, निगमों के सेवारत एवं सेवानिवृत कार्मिकों, वर्तमान विधायकों, पूर्व विधायकों, राज्य सरकार के मंत्रियों, उनके आश्रित परिवारजनों को उच्च गुणवत्तापूर्ण कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की तर्ज पर राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में प्रदान की जायेगी।

 

राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की अतिरिक्त निदेशक (मेडिक्लेम) श्रीमती शिप्रा विक्रम ने बताया कि योजना के अन्तर्गत 01 जनवरी 2004 पूर्व एवं इसके पश्चात नियुक्त राज्य कर्मचारियों को प्रतिवर्ष सामान्य बीमारी में पांच लाख रूपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा एवं गम्भीर बीमारी में अतिरिक्त पांच लाख रूपये तक चिकित्सा सुविधा प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि 01 जनवरी 2004 से पूर्व नियुक्त सेवारत एवं सेवानिवृत राज्य कार्मिकों, वर्तमान विधायकों, पूर्व विधायकों, राज्य सरकार के मंत्रियों को पुराने नियमों के तहत् ही उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं आरजीएचएस में प्राप्त होगी।

 

श्रीमती विक्रम ने बताया कि सामान्य चिकित्सा सुविधा के साथ ही आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पद्धति में भी इस योजना को लागू करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को उत्तम स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार आरजीएचएस योजना को लागू करने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है।

 

कार्यशाला में बताया गया कि योजना के अन्तर्गत इलाज व्यय, चिकित्सकीय जांच, चिकित्सकीय परामर्श, चिकित्सकीय खर्चों का भुगतान सीजीएचएस पैकेज दरों पर देय होगा। योजना का संचालन आरजीएचएस के आई. टी. प्लेटफॉर्म पर पूर्णतः ऑनलाईन होगा। कार्यशाला में चिकित्सालयों को योजना के परिलाभों, चिकित्सालयों की अनुमोदन प्रणाली, कैशलेस दावों की भुगतान प्रणाली, चिकित्सालयों की शिकायत निवारण प्रणाली की भी विस्तार से जानकारी दी गयी। 

 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने वर्ष 2021-22 के बजट में केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना के अन्तर्गत मिलने वाली सुविधा के अनुरूप विधायक, पूर्व विधायक एवं राज्य के सरकारी, अद्र्धसरकारी, निकाय, बोर्ड, निगम आदि के कर्मचारियों एवं अधिकारियों, पेंशनरों को कैशलेस एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीजीएचएस योजना की तर्ज पर आरजीएचएस योजना लागू करने की घोषणा की थी।

 

कार्यशाला में मेडिकल कॉलेजों, राजकीय चिकित्सालयों एवं 109 निजी चिकित्सालयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। 


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