Friday, March 26, 2021

जिला व सेशन न्यायाधीश ने किया जेल का निरीक्षण

 

चित्तौडग़ढ़ (हलचल)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) केशव कौशल एवं सचिव सुनील कुमार ओझा ने शुक्रवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। जेलर दूले सिंह से कोरोना महामारी से बचाव के लिए बरती जा रही सावधानियों के बारे में जानकारी ली। जेलर ने बताया कि अभी जेल में 499 पुरूष, 9 महिलाएं व एक बच्चा है। महिला बंदियों से कौशिक ने उन्हें मिलने वाली चिकित्सा सुविधाएं, सैनेट्री पेड, सामान्य साफ सफाई के बारे में सवाल पूछे। जेलर ने बताया कि बंदी को जेल में दाखिल करने से पूर्व जेल वारंट के साथ बंदी की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त के पश्चात ही बंदी को दाखिल किया जाता है। नए आने वाले बंदी को पृथक से दो बैरक जिन्हें अस्थायी रूप से आइसोलेशन बैरक बनाया गया है जहां 21 दिन एवं उसके बाद 7 दिन पृथक से रखा जाता है। रिपोर्ट नेगेटिव आने के पश्चात ही बंदी को अन्य बैरक में रखा जाता है। जेलर ने बताया कि नगर परिषद के माध्यम से जेल को सैनेटाइज किया जाता है। वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते बंदियों से परिजनों की मुलाकात नहीं कराई जा रही है। इस कारण लगभग 190 बंदियों को प्रतिदिन टेलीफोन के जरिये एवं लगभग 10-12 बंदियों को जरिये वीसी से अपने परिजनों से बात कराई जा रही है।
जिला न्यायाधीश कौशिक द्वारा बंदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन, भोजनशाला, चाय नाश्ता, दुग्ध की उपलब्धता के बारे में सघनता से जानकारियां प्राप्त की। भोजनशाला में बन रहे भोजन को चखकर भोजन की गुणवत्ता को परखा। जेल क्लिनिक में चिकित्सक की उपलब्धता मेल नर्स एवं उपलब्ध दवा सहित दवाघर का निरीक्षण किया। जेल कार्मिकों ने बताया कि जेल में रोज चिकित्सक की दो घंटे ड्यूटी लगाई गई है किंतु कुछ समय से चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही मेल नर्स ने बताया कि कुछ बीमारियों की दवा बजट के अभाव में उपलब्ध नहीं है जिस पर जिला न्यायाधीश कौशिक ने इसे गंभीर माना और जिला प्रशासन के साथ वार्ता करके अतिशीघ्र इन समस्याओं के निराकरण हेतु एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कौशिक ने शुद्ध पेयजल के बारे में जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से अविलंब बैठक करके जेल में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, चिकित्सा विभाग से बंदियों के लिए मास्क की आपूर्ति किए जाने के बारे में कार्यवाही करने के निर्देश दिए।