एक ओर अस्पताल के ICU में आग से भगदड़, अफरातफरी में दो बुजुर्गों की मौत, बाकी मरीजों को सुरक्षित निकाला

 


 कानपुर । शहर में कॉर्डियोलॉजी हास्पिटल में रविवार सुबह अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई। तेज धुएं से हाल बेहाल होने पर मरीजों और तीमारदारों को बहार निकालकर बचाया गया, जबकि आइसीयू में भर्ती दो मरीजों की मौत हो गई। मौके पर मौजूद अग्निशमन यंत्रों से आग  बुझाने का प्रयास शुरू करके दमकल को बुलाया गया। अस्पताल में पुलिस भी पहुंच गई।

शहर में हृदय रोग संस्थान में रविवार की सुबह अचानक तेज धुआं उठने लगा। आग लगने की जानकारी होते ही मरीज और तीमारदार इधर उधर भागने लगे और अफरा तफरी मच गई। अस्पताल के स्टोर रूम से तेज धुंआ निकलता रहा। कुछ ही देर में पूरे अस्पताल परिसर में धुआं भर गया। डॉक्टरों और स्टॉफ आग लगने की सूचना पर आईसीयू में एडमिट मरीजों को तुरंत बाहर निकाला गया।

 

बताया गया है कि इस बीच घाटमपुर नौरंगा निवासी श्वास की रोगी 80 वर्षीय रसूलन बी की मौत हो गई। वह हृदय रोग के चलते कार्डियोलॉजी अस्पताल में भर्ती थीं। हमीरपुर राठ निवासी टेकचंद्र भी अस्पताल में भर्ती थे और उनकी मौत हो गई। स्वजन ने बताया कि टेकचंद्र वेंटिलेटर पर थे और आग लगते ही डाक्टरों ने उन्हें बाहर ले जाने के लिए कहा। इसके बाद बताया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है।

 

बताया जा रहा है कि अभी भी 100 से अधिक मरीज और तीमारदार हॉस्पिटल में फंसे हैं। सूचना पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग को काबू करने में जुटी हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं। आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चला पता। फर्स्ट फ्लोर स्थित आईसीयू से धुंआ निकल रहा है। पुलिस और दमकल कर्मचारियों ने सीढ़ियों की मदद से मरीजों को बाहर निकाला है।

 

सभी मरीज सुरक्षित हैं और खिड़कियों को तोड़कर धुंआ बाहर निकाला जा रहा है। एसपी वेस्ट ने बताया कि आईसीयू से सभी मरीजों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है. बाकी मरीजों और तीमारदारों को बाहर निकाला जा रहा है। हमारी पहली प्राथमिकता मरीजों की सुरक्षा है। आग लगने की वजह अभी पता नहीं चली है।

 

गंभीर मरीजों को किया शिफ्ट, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अफसर

कार्डियोलॉजी अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंच गए हैं। डीएम आलोक कुमार ने गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्य के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को देखा। इसके साथ ही आइसीओ और अन्य वार्डों से बाहर निकाले गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की व्यवस्था करा दी है। अबतक चार मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा चुका है, जिसमें एक बंदी भी शामिल है। पुलिस आयुक्त असीम अरुण के साथ अपर पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरी और डॉक्टर मनोज भी मौके पर मौजद हैं।

 

कार्डियोलॉजी में भूतल की मेडिसिन इमरजेंसी पूरी तरीके से खाली करा ली गई है। अब फर्स्ट फ्लोर की इमरजेंसी में कोई मरीज नहीं है। केवल सर्जरी इमरजेंसी के मरीजों को फिलहाल वार्ड में रखा गया है। इसके अलावा अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग पूरी तरीके से खाली करा ली गई है।

 

अस्पताल के सफाई कर्मी के साहस से बची जान

आग लगने के बाद कार्डियोलॉजी के सफाई कर्मचारियों ने साहस का परिचय दिया। आग लगते ही सभी सफाई कर्मचारी मरीजों को अस्पताल के स्टॉफ की मदद से बाहर निकालने में जुट गए। इस दौरान कुछ कर्मचारियों की हल्की चोटें भी आई हैं

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