कुएं में गिरने से सगे तीन भाई-बहन की मौत बच्चों को बचाने के लिए मां ने भी लगा दी छलांग

 


बांसवाड़ा/ जिले के हंगरीपाड़ा गांव में बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से सगे तीन भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों में दो भाई और एक बहन शामिल है। डूबते बच्चों को बचाने के लिए उनकी मां भी कुएं में कूद गई, जिसे पड़ोसियों ने बचा लिया। उसे बांसवाड़ा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को लेकर ग्रामीण आशंकित हैं। उनका कहना है कि हंगरीपाड़ा गांव में लगभग सभी खेतों में बिना मुंडेर के कुएं हैं और उनके आसपास बच्चे अकसर खेला करते हैं। तीन बच्चों के अचानक कुएं में गिरने की बात किसी को समझ नहीं आ रही है।

Brother died along with two sisters, mother also jumped from behind to save  children, woman's condition was critical, 100 meters away from home was a  well without a sluice | घर से

संभावना यह भी जताई जा रही है कि एक बच्चे के कुएं में गिरने पर संभवत: दूसरे बच्चों ने उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी होगी। भूंगड़ा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। थानाधिकारी गजवीरसिंह का कहना है कि हादसे में गणेश चरपोटा की बारह वर्षीया बेटी गुड़डी, आठ साल का बेटा सारिका तथा छोटा बेटा विजयपाल की मौत हो गई। उन्हें बचाने के लिए उनकी मां जमना ने भी कुएं में छलांग लगा दी। वह अपने बच्चों को बचा नहीं पाई। गांव के लोग भी बच्चों को बचाने दौड़े लेकिन वह जमना को बचाने में सफल रहे। ग्रामीणों ने उसे जिले के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया।

थानाधिकारी का कहना है कि इस घटना से जमना सदमे में है और उससे पूछताछ के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर तीनों बच्चे किस तरह कुएं में गिरे। जमना का पति गणेश मजदूरी के लिए अहमदाबाद गया है। जहां से उसके लौटने के बाद तीनों बच्चों के पोस्टमार्टम शनिवार सुबह कराए गए। जिसके बाद तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक ही चिता में कर दिया गया।

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा नगर परिषद चुनाव : भाजपा ने 31, कांग्रेस ने 22 और निर्दलीय ने जीती 17 सीटें, बोर्ड के लिए जोड़ तोड़

सिपाहियों के कातिल जोधपुर और बाड़मेर के, एक फौजी भी शामिल !

वीडियो कोच ने स्कूटर को लिया चपेट में, दो बहनों की मौत, भाई घायल, बागौर में शोक