लक्ष्मी मित्तल ने अशोक गहलोत से की मुलाकात, राजस्थान में सोलर पार्क स्थापित करेंगे

 

जयपुर। भारतीय मूल के प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल ने रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। मित्तल राज्य में 4500 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क स्थापित करना चाहते हैं। इस पर 19 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री ने मित्तल को राज्य में खनन सहित अन्य क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार की नई खनन, नई उद्योग व नई पर्यटन नीति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाएगी। उल्लेखनीय है कि लंदन में बसे मित्तल राजस्थान में मूल निवासी हैं। उनका जन्म चुरू जिले के सादुलशहर में हुआ था। वह विश्व के 91वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। उनका फाउंडेशन जयपुर जिले के जामड़ोली में एलएनएम आइआइटी नाम से प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रहा है। मित्तल की कुल संपत्ति 19.1 बिलियन यूएस डॉलर बताई जाती है। साल, 2008 में मित्तल पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। 

 राजस्थान में पोटाश के भंडार
गौरतलब है कि राजस्थान में पोटाश के भंडार होने की बात सामने आई है। अब राज्य सरकार पोटाश की खोज और खनन में निवेश बढ़ाने के लिए रोड शो करेगी। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरू में रोड शो किए जाएंगे। खान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल का कहना है कि राज्य में पोटाश के अथाह भंडार मिले हैं। अब इनके दोहन के लिए आधुनिकतम सोल्युशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। राज्य सरकार का फोकस है कि पोटाश से राजस्व में बढ़ोतरी के साथ राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल सके। रोड शो और खनन में विभिन्न व्यापारिक व औद्योगिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोटाश के जी तीन स्तर के दो ब्लाकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करने को लेकर भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में पोटाश के भंडार मिलने से देश की आपूर्ति तो होगी। साथ ही, विदेशों से आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

 

 नए खनन ब्लॉक्स की पहचान

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि खान विभाग प्रदेश में नए खनन ब्लॉक्स की पहचान कर ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटन की योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में खनन क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि विभिन्न खनिजों के उत्खनन के लिए विभाग नए माइनिंग ब्लॉक्स की पहचान करे, जिनके माध्यम से रोजगार के बड़े अवसर पैदा किये जाएं और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 22 जून को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस से खान व भू- विज्ञान विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में खनिज क्षेत्र के विकास के लिए नई खनिज नीति जल्द तैयार की जाए, ताकि इस क्षेत्र में निवेश व कार्य करने में अधिक सुगमता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 82 खनिज उपलब्ध हैं। इनमें से सीसा, जिंक, कॉपर, लाइमस्टोन, रॉक फॉस्फेट, मार्बल, ग्रेनाइट, सेंडस्टोन जैसे 11 खनिजों के उत्पादन में तो राजस्थान अग्रणी प्रदेश है।

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