दहेज के लिए गर्भवती पत्नी की हत्या कर लाश को कुएं में फैंकने वाले पति को उम्र कैद, सास बरी

 

  भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। दहेज की मांग के चलते गर्भवती पत्नी की हत्या कर लाश को कुएं में फैंक देने के नौ साल पुराने मामले में आरोपित पति संपत जाट को उम्र कैद की सजा और 45 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है, जबकि सास गुलाबी देवी को बरी कर दिया गया।  फैसला, विशिष्ट न्यायाधीश महिला उत्पीडऩ प्रकरण ने गुरुवार को सुनाया। न्यायालय ने फैसले में कहा कि जुर्माना जमा होने पर राशि मृतका की बेटी को दी जाये। 
विशिष्ट लोक अभियोजक संजू बापना ने हलचल को बताया कि बदनौर थाने के बालापुरा निवासी जसराज पुत्र कानाराम जाट ने  26 जून, 2012 को शंभुगढ़ थाने में एक रिपोर्ट पेश की थी। जाट ने इस रिपोर्ट में संपत पुत्र हीरालाल जाट, इसकी मां गुलाब देवी निवासी अंटाली को आरोपित बनाया था। 
जसराज ने रिपोर्ट में बताया था कि उसकी भतीजी शीला की शादी 10-15 साल पहले संपत जाट के साथ की थी। शादी के बाद से ही शीला, ससुराल आ-जा रही थी। करीब एक वर्ष बाद से ही पति संपत व सास गुलाब देवी आये दिन उसके साथ मारपीट और पीहर से रुपये लेकर आने के लिए तंग व परेशान करते थे। शीला ने तीन बच्चों को जन्म दिया, इनमें से दो कीमौत हो गई। एक बच्ची 4-5 साल की है। शीला अभी गर्भवती थी। इन लोगों ने शीला के साथ पहले भी मारपीट की थी। तब ससुराल वालों को समझाया कि शीला भोली लड़की है, इसके साथ मारपीट न करें। साथ ही गरीब होने की दुहाई देते हुये दहेज के रुपये नहीं दे सकते हैं, यह बात भी ससुराल वालों से कही। 
इसके बावजूद 16 अप्रैल 2012 को शीला के साथ इन लोगों ने मारपीट की ओर उसे घर से निकाल दिया। शीला पीहर आ गई और मारपीट की बात घरवालों को बताई। 18 अप्रैल 12 को शीला को समझाकर वापस भेज दिया। 
20 अप्रैल की शाम संपत जाट व प्रकाश माली परिवादी के घर आये और कहा कि शीला खेत पर काम कर रही थी, जो कहीं चली गई। वह पीहर आई क्या? इस पर पीहर पक्ष ने उनसे कहा कि शीला को आपने मार तो नहीं दिया।  इस पर दोनों चुपचाप वहां से चले गये। दूसरे दिन परिवादी, अपने भतीजे शिवराज व अन्य के साथ गांव के लोगों सहित अंटाली गये, जहां संपत व उसकी मां गुलाबी से शीला के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई संतोष जवाब नहीं दिया। इसे लेकर शंभुगढ़ थाने में रिपोर्ट दी। काफी तलाश करने के बाद भी शीला का कहीं पता नहीं चला। 
27 अप्रैल को शीला की लाश अंटाली में गौशाला के पीछे बांडोलाई नाडी के पास कुएं में पड़ी होने की सूचना पीहर पक्ष को मिली। इस पर परिवादी व ग्रामीण वहां गये, जहां पुलिस व गांव के अन्य लोग मौजूद थे। शव को कुएं से निकलवाया। शीला की लाश सफेद प्लास्टिक कट्टे के पाल में बंधी थी और साथ में पत्थर भी बांध रखे थे। तिरपाल को तार से बांध रखा था। लाश सड़-गल गई थी। परिवादी ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि आरोपितों ने शीला की कहीं और हत्या कर लाश को कुएं में डाल दी। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने दहेज प्रताडऩा, हत्या, सबूत नष्ट करने व षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज कर तफ्तीश की। 
पुलिस ने इस मामले में 28 अप्रैल 12 को मृतका के पति संपतलाल व सास गुलाबी देवी को गिरफ्तार किया था। साथ ही लाश को जिस मोटरसाइकिल पर रखकर कुएं तक ले जाया गया, उस मोटरसाइकिल को जब्त किया गया। इसके बाद इन दोनों आरोपितों के खिलाफ 26 जून 12 को न्यायालय में चार्जशीट पेश की थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाह और 52 दस्तावेज पेश कर संपत पर लगे आरोप सिद्ध किये। सुनवाई पूरी होने पर आज पति संपत जाट को उम्र कैद की सजा व 45 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वही सास को बरी कर दिया गया।  

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