बाहरी और विरोधी रहे लोगों को बना दिया पार्षद, कार्यकर्ताओं में आक्रोश

 


भीलवाड़ा (विजय गढ़वाल)। प्रदेश कांग्रेस में खींचातान थमने का नाम नहीं ले रही है और यह मामला जयपुर और दिल्ली के बीच फुटबाल बना हुआ है। इस बीच राजनैतिक नियुक्तियों को लेकर भीलवाड़ा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा हुई है। हाल ही में नगर पालिका व नगर परिषद में मनोनीत पार्षदों को लेकर विरोध के स्वर देखने को मिले है। 
जयपुर में कांग्रेस में गहमागहमी थमती नजर नहीं आ रही है और अब जिला स्तर पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा हो गया है। इसके पीछे हाल ही में राज्य सरकार द्वारा ऐसे लोगों को मनोनीत पार्षद नियुक्त कर दिया जो कांग्रेस के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे या फिर बागी प्रत्याशी के मददगार बने। 
भीलवाड़ा नगर परिषद में जिन लोगों को मनोनीत पार्षद नियुक्त किया है उनमें से कुछ को तो चुनाव के दौरान पार्टी से निष्कासित भी किया गया था। जबकि एक मनोनीत पार्षद का शहर से कोई लेना देना भी नहीं बताया गया। ऐसे ही हालात गंगापुर क्षेत्र के भी है जहां गंगापुर से बाहर के तीन लोगों को मनोनीत पार्षद नियुक्त कर दिया गया जिसका कांग्रेस के नेताओं ने खुलकर विरोध भी किया है। 
दूसरी ओर शाहपुरा नगर पालिका में कांग्रेस के विरूद्ध चुनाव लडऩे वाले को भी मनोनीत पार्षद नियुक्त किया गया है। कांग्रेस के लोगों का कहना है कि इसके कारण पार्टी का प्रत्याशी हारा था। ऐसी स्थिति में शहर के साथ-साथ नगर पालिका क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी शुरू हो गई है और वह चर्चा करने लगे है कि ऐसे ही हालात रहे तो कांग्रेस और गर्त में जाएगी। 
कांग्रेस कार्यालय में वर्षों से जाजम उठाने वाले कार्यकर्ता अब तक भी जाजम ही उठा रहे है। उन्हें आगे बढऩे का मौका नहीं मिल पा रहा है और ऐसे लोगों को कांग्रेस पदों से नवाज रही है जो पार्टी के विरोधी रहे है। ऐसे में पार्टी के जन्मजात कार्यकर्ताओं में आक्रोश ही पनप रहा है।

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