बुधवार को भूलवश भी न करें ये काम, आर्थिक संकट आ सकता है

 

सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होते हैं। इसी तरह बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। किसी भी पूजा की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। गणेश भगवान प्रथम पूजनीय हैं। भगवान गणेश की पूजा से व्यक्ति के जीवन में यश, धन, वैभव, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। भगवान गणेश की कृपा से जीवन में कोई दुख नहीं आता है परंतु हमें इसका ख्याल रखना चाहिए कि बुधवार को ऐसे काम हैं, जिन्हें नहीं करना चाहिए वरना गणेश जी के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है। आइये जानते हैं वह कौन से कार्य हैं?

1. बुधवार के दिन भूलवश भी किसी हाथी को नुकसान न पहुंचाएं, वरना भगवान गणेश के प्रकोप का शिकार होना पड़ता है। इससे हमारे ऊपर नये-नये मुसीबतें आने लगती हैं।

2. बुधवार के दिन भूल से भी सिंदूर का अनादर न करें, वरना आपके ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट सकता है क्योंकि सिंदूर भगवान गणेश को अति प्रिय है।

3. बुधवार के दिन दूध से बनने वाले कोई भी व्यंजन, जिसमें दूध जलने की संभावना हो, नहीं बनाना चाहिए। अगर संभव हो तो इस दिन दूध न उबालें।

4. बुधवार के दिन भूलकर भी किसी कन्या और किन्नर का अपमान नहीं करना चाहिए। इससे मुसीबतों का सामना करने पड़ सकता है।

5. बुधवार के दिन पान खाने की मनाही है। वरना इससे धनहानि और आर्थिक स्थिति गड़बड़ होने की आशंका होती है।

6. बुधवार के दिन नए जूते-कपड़े नहीं खरीदना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आपको नुकसान हो सकता है।

7. चावल को पूजा पाठ में बहुत पवित्र माना जाता है। परंतु भगवान गणेश को सूखा चावल नहीं चढ़ाना चाहिए।

8. बुधवार के दिन किसी को उधार पैसे न दें और न ही लें, इससे धन संबंधित परेशानियां हो सकती हैं।

9. बुधवार के दिन बालों से संबंधित कोई भी वस्तु और टूथ ब्रश भी नहीं खरीदना चाहिए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार

महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित गिरफ्तार

डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिये कटा हुआ हाथ जोड़ा