हॉकी टीम का स्वर्ण जीतने का सपना टूटा, सेमीफाइनल में मिली हार,मोदी ने ऐसे बढ़ाया भारतीय मेंस हॉकी टीम का हौसला

 


नई दिल्ली।: भारतीय पुरुष हॉकी टीम से उम्मीद थी कि वो आज फाइनल में पहुंचकर देश के लिए एक और पदक पक्का करेगी, क्योंकि 1980 के ओलिंपिक के बाद भारत इस ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन भारत को सेमीफाइनल में बेल्जियम से हार मिली है। इसी के साथ भारत का स्वर्ण पदक जीतने का सपना चकनाचूर हो गया है। हालांकि, अभी भी भारत देश को एक पदक दिला सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए ट्वीट किया कि जीत और हार तो जिंदगी का हिस्सा है। हमारी मेंस हॉकी टीम ने अपना बेस्ट दिया।

भारतीय हॉकी टीम हारी सेमीफाइनल

टोक्यो ओलिंपिक में भारत की हॉकी टीम आज अपना सेमीफाइनल मैच खेलने उतरी। भारत के सामने दिग्गज बेल्जियम की टीम थी और बेल्जियम ने भारत को बुरी तरह से हरा दिया। भारत को इस मैच में 2-5 से हार मिली। हालांकि, अभी भी भारत के पास कांस्य पदक जीतने का मौका है, लेकिन सिल्वर और गोल्ड मेडल की रेस से टीम बाहर हो गई है। 

इस बड़े मुकाबले के पहले क्वार्टर में भारत ने 2-1 की बढ़त बना ली। भारत के लिए पहले क्वार्टर में मनदीप सिंह और हरमनप्रीत सिंह ने गोल किया। फिलहाल, दूसरे क्वार्टर का मैच समाप्त हुआ है और इस हाफ टाइम से पहले भारत दूसरे क्वार्टर में एक भी गोल नहीं कर पाया, जबकि बेल्जियम की टीम बराबरी करने में सफल रही। फिलहाल, 2-2 के साथ स्कोर बराबरी पर है। 

मैच के तीसरे क्वार्टर में दोनों ही टीमों की तरफ से कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हुई। हालांकि, दोनों टीमों के पास पेनाल्टी कार्नर के जरिए गोल करने का मौका था, लेकिन डिफेंड की वजह से कोई टीम सफल नहीं हुई। तीसरे क्वार्टर के बाद मुकाबला 2-2 से बराबरी पर है। चौथे क्वार्टर का मैच जारी है और करीब चौथे मिनट में पेनाल्टी कार्नर के जरिए बेल्जिमय ने गोल किया और भारत पर 3-2 से बढ़त बना ली। एलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने मैच का तीसरा गोल पेनाल्टी कार्नर के जरिए किया और भारत पर बेल्जियम की बढ़त को 4-2 कर दिया। आखिरी के मिनटों में एक और गोल कर बेल्जियम ने जीत के अंतर को 5-2 का कर दिया। जापान के टोक्यो में जारी ओलिंपिक खेलों में भारत के ज्यादातर खिलाड़ियों ने अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। पदक जिताने वाली मीराबाई चानू और पीवी सिंधू को छोड़ दें तो व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं दिखा है, जिसने एक भी बार ये महसूस कराया हो को वो देश के लिए पदक जीत सकता है। हालांकि, चक्का फेंक खिलाड़ी कमलप्रीत कौर ने आगे तक का सफर जरूर तय किया, लेकिन उनको भी छठे स्थान पर टूर्नामेंट का समापन करना पड़ा। यहां तक कि खेल के 12वें दिन यानी मंगलवार को देश से एक भी पदक की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है, जो कि पदक वाले मैच खेलेगा या कोई भी टीम ऐसी नहीं है जो फाइनल खेलेगी। फिर भी हॉकी, कुश्ती, भाला फेंक और गोला फेंक में भारतीय खिलाड़ियों और टीमों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। 

पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'जीत और हार तो जिंदगी का हिस्सा है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में हमारी भारतीय मेंस हॉकी टीम ने अपना बेस्ट दिया। भारतीय टीम को अगले मैच के लिए और भविष्य के लिए शुभकामनाएं। भारत को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।'

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