केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर भारत बचाओ दिवस पर सौंपा ज्ञापन

 


भीलवाड़ा ।   भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र सीटू के प्रान्तीय प्रतिनिधि ओमप्रकाश देवानी के नेतृत्व में श्रमिकों द्वारा कलेक्ट्रेट का घेराव कर महामहीम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिलाधीश महोदय को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
         प्रान्तीय प्रतिनिधि ओमप्रकाश देवानी ने बताया कि देश और दुनिया जहां कोरोना महामारी के हमले से जूझ रही है, वहीं केन्द्र की मोदी सरकार को जो पिछले 6 वर्ष से लगातार मेहनतकश जनता पर हमला कर देश मंे आर्थिक बदहाली ला रही है। आर्थिक मंदी, घटती नौकरियों, आसमान छूती बेरोजगारी व महंगाई, गहरी दरिद्रता, अंधाधुन निजीकरण एवं राष्ट्रीय सम्पत्तियों व सार्वजनिक उद्योगों को औने-पौने दाम में बेचने और जी.डी.पी. के लगातार गिरने से देश में मोदी सरकार के बहु चर्चित ’’सबका साथ सबका विकास’’ का नारा मजाक बनकर रह गया है। भाजपा सरकार जनता के लोकतांत्रिक अधिकारांे को छीनने, विनाशकारी आर्थिक नीतियों को लागू कर वेज कोड बिल पारित करने, आर.टी.आई. एक्ट में संशोधन कर उसे पंगु बनाने, और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट में संशोधन कर इसे क्रूर और दण्डात्मक बनाने की कार्यवाही कर रही है। केन्द्र ने इन तमाम प्रश्नों से लोगों का ध्यान हटाने के लिये नागरिक कानून में संशोधन कर एन.आर.सी., सी.ए.ए. व एन.पी.आर. के कानूनों को आम जनता पर लादने और संविधान को तोड़ने की नीतियों पर चलने से आम जनता अपने आपको ठगा सा महसूस कर रही है।
         केन्द्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी एवं जन विरोधी नितियो के खिलाफ केन्द्रीय ट्रंेड यूनियनो ने आज 09 अगस्त 2021 को भारत बचाओ दिवस के रूप में मनाकर अपना प्रतिरोध दर्ज कराया है एवं 15 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया जिसमंे - (1) बढ़ती हुई मंहगाई पर रोक लगाओ - मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं और जन विरोधी कृषि कानूनों और बिजली संशोधन विधेयक को रद्व करने, (2) रोजगार खत्म होने और आजीविका के मुद्वे पर ध्यान दे, अधिक रोजगार सृजित करें, तालाबंदी के दौरान या अन्यथा उद्योगो/सेवाओ/प्रतिष्ठानो में छंटनी औरा वेतन कटौती पर प्रतिबंध लागू करने, सरकारी विभागो में रिक्त स्वीकृत पदों की पूर्ति करें प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत लाइव रिक्त पद का समर्पण बंद करें, सरकारी और सार्वजनिक क्षैत्र में नए पदो के सृजन पर प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने, (3) मनरेगा पर बजट बढाएँ, काम के दिन और पारिश्रमिक बढाएँ। (4) शहरी रोजगार गांरटी योजना लागू करें । काम के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में संविधान में शामिल किया जाए। (5) सभी गैर-आयकर भुगतान करने वाले परिवारों के लिए प्रतिमाह 7500 रूपये का नकद हस्तांतरण सुनिश्चित करें। (6) अगले छह महिनों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलो मुफ्त खाद्यान उपलब्ध करावें। (7) स्वास्थ्य पर बजट में वृद्वि ,सभी स्तरोंू पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण तथा सुनिश्चित करें कि गैर-कोविड रोगियों को सरकारी अस्पतालों में प्रभावी उपचार मिलने, (8) सभी को मुफ्त टीका सुनिश्चित करने, कारपोरेट समर्थक टीकाकरण नीति को खत्म करने, (9) सभी स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति के कार्यकता्रओं और आशा और आंगनबाड़ी कर्मचारियों सहित महामारी-प्रबंधन कार्य में लगे सभी लोगों के लिए व्यापक बीमा कवरेज के साथ सुरक्षात्मक गियर, उपकरण आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने, (10) सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी विभागों के निजीकरण और विनिवेश को रोकने, (11) कठोर आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश (ई.डी.एस.ओ.) को वापस लेने, (12) आवश्यक वस्तुओं, पेट्रोल-डीजल और गैस आदि की कीमतों में भारी वृद्धि को वापस लेने, (13) 43वें,44वें और 45वें आईएलसी के निर्णयों को लागू करने के लिए योजना श्रमिकों को, श्रमिक का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, (14) श्रम सम्मेलनों 87, 98, 109 आदि की पुष्टि करने एवं (15) केन्द्रीय श्रम कल्याण के कार्यालय को अजमेर से पुनः भीलवाड़ा जिले में स्थापित कर गंगापुर के केन्द्रीय अस्पताल को श्रमिकों के लिए प्रारम्भ करने की मांग ज्ञापन में की गई।
         इस दौरान प्रान्तीय प्रतिनिधि ओमप्रकाश देवानी, गणेश गहलोत, रामचन्द्र बुनकर, महेन्द्र सिंह, भंवरी देवी, लाड देवी विश्नोई, रेखा देवी, वर्षा देवी, नरेन्द्र मराठा, देउ विश्नोई, उर्मिला, गेरी लाल सोनी, संजय जैन, सोनू माली, सद्दाम, अब्दुल हकीम, तेज बहादुर, विमला, मंजू आचार्य, सीता विश्नोई, मो. अली. आदि उपस्थित थे।

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा नगर परिषद चुनाव : भाजपा ने 31, कांग्रेस ने 22 और निर्दलीय ने जीती 17 सीटें, बोर्ड के लिए जोड़ तोड़

सिपाहियों के कातिल जोधपुर और बाड़मेर के, एक फौजी भी शामिल !

वीडियो कोच ने स्कूटर को लिया चपेट में, दो बहनों की मौत, भाई घायल, बागौर में शोक