बृजेश बांगड़ चिकित्सालय के चार वर्ष पूर्ण, ऑक्सीजन प्लान्ट का शुभारम्भ

 

भीलवाड़ा़ा (प्रकाश चपलोत))   शहर के विश्वसनीय चिकित्सालय बृजेश बांगड़ मेमोरियल हॉस्पिटल में शनिवार को दिवगंत बृजेश बांगड़ की सोलहवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धाजंलि में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक मित्तल, सीईओ डॉ. मोहित जैथलिया, समस्त चिकित्सक एवं कर्मचारियों ने कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए स्वर्गीय बृजेश बांगड़ के तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए । संस्थापक  लादूराम बांगड़ बताया कि बृजेश बांगड़ की स्मृति में शुरू किए गए इस चिकित्सालय को आज चार वर्ष पूर्ण हो गए है जहां मरीजों को अनुभवी चिकित्सक एवं अत्याधुनिक तकनीकी का लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर श्रीमती दिव्या बांगड़ एवं श्रीमती राधा राठी ने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को फल वितरित किये। 
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए चिकित्सालय में ऑक्सीजन संयंत्र का शुभारम्भ किया। इस संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 120 सिलेण्डर का उत्पादन होगा। चिकित्सालय के निदेशक दुर्गेश बांगड़ ने बताया कि अमेरिकन मुख्य कंपनी की गुजरात शाखा इंगरसोल रेंड द्वारा इस संयंत्र को स्थापित किया है। इस संयंत्र की 500 लीटर/मीनिट (लगभग 120 सिलेण्डर प्रतिदिन) की ऑक्सीजन उत्सर्जन की क्षमता है और ऑक्सीजन की शुद्धता 96 प्रतिशत (+3 और -3 प्रतिशत) है। 
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मोहित जैथलिया ने बताया कि पिछले चार वर्षों में अनुभवी चिकित्सक हृदय रोग के डॉ. पवन ओला, न्यूरो सर्जरी के डॉ. सुभाष जाखड़, गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी सर्जन डॉ. के.डी. चक्रवर्ती, ऑर्थोपेडिक एवं ट्रॉमा के डॉ. परमजीत गंभीर व डॉ. उत्कर्ष मांडोत, पथरी व प्रोस्टेट (यूरोलॉजी) के डॉ. रोहित माहेश्वरी, बन्र्स प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्ïटीव सर्जन डॉ. अखिल चौहान, नैत्र रोग विभाग के डॉ. एस.एस. लाठी एवं निश्चेतना विभाग के डॉ. मनीष चित्तौड़ा सहित चिकित्सकों ने चार हजार से ज्यादा सफलतम जटिल ऑपरेशन कर मरीजों को लाभान्वित किया।
 इसी तरह जनरल फिजिशियन डॉ. आलोक मित्तल, डॉ. नरेश खण्डेलवाल, न्यूरो फिजिशियन डॉ. चन्द्रजीत सिंह राणावत, स्कीन एवं कॉस्मेटिक विशेषज्ञ डॉ. विष्णु चौधरी, रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. राकेश धाकड़ एवं पैथोलॉजी विभाग के डॉ. रौनक व्यास द्वारा उचित चिकित्सा परामर्श व इलाज एवं उचित जांचों से घातक बीमारियों से मरीजों को निजात मिली है। 
चिकित्सालय में वर्षभर में लगभग 68 हजार ओपीडी एवं करीब 4 हजार आईपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अनुभवी नर्सिंग कर्मियों द्वारा विभिन्न बीमारियों के मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा गांवों व कस्बों में विभिन्न विभागों की ओर से नि:शुल्क शिविर आयोजित कर मरीजों को लाभान्वित किया।

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