आचार्य भिक्षु व महाप्रभु रामचरणजी में रही मित्रता, इसलिए शाहपुरा गौरव है- आचार्य महाश्रमण

 


शाहपुरा- मूलचन्द पेसवानी।शाहपुरा में अणुव्रत आंदोलन को बढ़ाने के लिए भीलवाड़ा के चार्तुमास पश्चात शाहपुरा में तेरापंथ के दो प्रमुख संतों का प्रवास शाहपुरा रहेगा। अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों ने आज महाश्रमणजी के सम्मुख उपस्थित होकर शाहपुरा की गतिविधियों की जानकारी दी तो उन्होंने सभी को खुब आर्शिवाद दिया।
आचार्यश्री महाश्रमणजी ने शाहपुरा समिति के पदाधिकारियों को मांगलिक प्रदान करने के साथ इस मौके पर कहा कि शाहपुरा के रामस्नेही संप्रदाय के आद्याचार्य रामचरण जी एवं तेरापंथ धर्म संघ के प्रथम गुरु आचार्य भिक्षु के ऐतिहासिक मैत्री के संबंध रहे है। महाश्रमण जी ने उनका उल्लेख करते हुए तेरापंथ प्रबोध का एक पद्य का संघान किया। उन्होंने कहा कि शाहपुरा से हमारा गहरा व मधुर सम्बन्ध है। शाहपुरा में अणुव्रत का कार्य बढ़े ऐसी मंगलभावना करता हूँ। महाश्रमण ने कहा कि अणुव्रत युग   दृष्टा पूज्य गणाधिपति तुलसी का अवदान है। जो धर्म ,काल,सीमा ,जाति पाति लिंग भेद ऊंच नीच की सीमाओं से ऊपर उठकर नैतिकता व प्रमाणिकता की भावभूमिका में ह्रदय परिवर्तन द्वारा स्वस्थ व्यक्ति के निर्माण द्वारा स्वस्थ समाज की रचना करने का एक आंदोलन है। 
इस अवसर पर अणुव्रत समिति भीलवाड़ा के लक्ष्मीलाल गांधी ने मुनिश्री सुरेशजी हरनावा, मुनि संबोध कुमारजी सेे मुलाकात व दर्शन कर शाहपुरा अणुव्रत समिति के प्रतिनिधियों द्वारा शाहपुरा में संचालित अणुव्रत की गतिविधियों की जानकारी दी एवं मुनिश्री सुरेशजी हरनावा व मुनि संबोध कुमारजी के चातुर्मास बाद नवम्बर माह के उत्तरार्द्ध में शाहपुरा प्रवास के बारे में कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया।
शाहपुरा के प्रतिनिधिमंडल में देवेन्द्रसिंह बुलिया, शाहपुरा समिति के पूर्व अध्यक्ष रामस्वरूप काबरा, वर्तमान अध्यक्ष तेजपाल उपाध्याय, गोपीलाल रेगर, रामप्रसाद पारीक कैलाश चन्द्र शर्मा एवं समिति सचिव गोपाल लाल पंचोली व अखिल व्यास ने इसमें अपने विचार रखे।

Popular posts from this blog

भीलवाड़ा नगर परिषद चुनाव : भाजपा ने 31, कांग्रेस ने 22 और निर्दलीय ने जीती 17 सीटें, बोर्ड के लिए जोड़ तोड़

वीडियो कोच ने स्कूटर को लिया चपेट में, दो बहनों की मौत, भाई घायल, बागौर में शोक

सिपाहियों के कातिल जोधपुर और बाड़मेर के, एक फौजी भी शामिल !