कहीं ज़रूरत से ज़्यादा तो नहीं सो रहे आप? जानें इससे जुड़े नुकसान!

 

लाइफस्टाइल डेस्क। नींद न आना सेहत से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। जिन लोगों को सही या अच्छी नींद नहीं आती वे कई तरह की बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। तनाव, बेचैनी, अवसाद और यहां तक कि ज़रूरत से ज़्यादा कैफीन के सेवन और लगातार खाने से भी आप रात भी करवट बदलते रह जाएंगे। इसका असर दिन भर के आपके काम पर भी पड़ता है। हालांकि, नई स्टडी से पता चलता है कि ज़्यादा सो लेने के भी नुकसान हैं। जिसमें सबसे बड़ा मोटापा है।

नींद की कमी और ख़राब सेहत में क्या है रिश्ता

ज़रूरत से ज़्यादा या कम या फिर ठीक से न सो पाने की वजह से सेहत पर बुरा असर ही पड़ता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स के जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, सात घंटे से कम सोते हैं, तो चीनी, कार्बोहाइड्रेट, कैफीन और वसा का सेवन बढ़ जाता है, जबकि ऐसा उनके साथ नहीं होता, जो काफी सो लेते हैं। अगर किसी के परिवार में मोटापे का इतिहास है, तो उन्हें रात में ज़्यादा देर सोने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर का बॉडी मास इंडेक्स स्वस्थ रहे।

एक्सपर्ट्स आगे कहते हैं कि खराब आहार लेना , स्क्रीन-टाइमज ज़्यादा होना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी नींद की कमी होने से मोटापे के जोखिम को बढ़ाती है। इतना ही नहीं, वारविक विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों ने अपनी नींद के घंटे को सात से घटाकर पांच कर दिया, उनमें मृत्यु का 1.7 गुना अधिक जोखिम था और जो लोग ज़्यादा सोते हैं उनकी तुलना में हृदय रोगों से जूझने की संभावना दोगुनी थी।

 ज़्यादा सोना और मोटापा

किसी भी चीज़ की अति ख़राब ही होती है और ऐसा नींद के साथ भी है। वहीं, कम सोने से भी बेचैनी को बढ़ावा मिलता है, तो ज़्यादा सोने से मोटापा बढ़ता है। स्लीप जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पता चला है कि जो लोग नौ से दस घंटे तक सोते हैं उनमें मोटापे का ख़तरा 21% अधिक होता है। एक ओर जहां बच्चों को लंबी नींद से फायदे हो सकते हैं, वहीं वयस्कों को सात से आठ घंटे की नींद से सबसे अधिक लाभ होता है।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र 18 से 60 वर्ष की आयु के वयस्कों के लिए सात घंटे से थोड़ा अधिक सोने की सलाह देते हैं। 60 के बाद, सात से नौ घंटे सोने की सलाह दी जाती है।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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