त्योहारों का रंग फीका न पड़े कोरोना के प्रति रहे सावधान !, ये बोले डॉक्टर

 

भीलवाड़ा(हलचल)। पितृ विसर्जन के बाद सात अक्टूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहा है। दशहरा और दुर्गापूजा का आयोजन शारदीय नवरात्र में होगा। इसकी तैयारी भी जोरों पर है। वहीं ईद, दीपावली, बाल दिवस और क्रिसमस जैसे बड़े पर्व आगे आने वाले हैं। खास बात यह है कि इन त्योहारों को अपने घर-परिवार और समुदाय के बीच मनाने की खास परंपरा रही है किंतु कोरोना के चलते इसमें विशेष सावधानी बरतने के साथ ही कुछ जरूरी बदलाव लाने की भी जरूरत है ताकि त्योहारों का रंग आगे भी पूरी तरह से बरकरार रहे। इसके अलावा समुदाय को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से भी महफूज बनाया जा सके।

अविलंब कोरोनारोधी टीका लगवाएं

इसके लिए जरूरी है कि अगर आप 18 साल से अधिक उम्र के हैं और अभी तक कोविड का टीका नहीं लगवाए हैं तो बगैर विलंब किए जल्द से जल्द टीका लगवा लें और त्योहारों की धूम में भी मास्क, दो गज की दूरी और हाथों की स्वच्छता का पूरा ख्याल रखे ।

डॉक्टर बोले- कोरोना के प्रति जागरूकता आवश्‍यक

MGH के प्रमुख  डाक्टर अरुण गोड़ का कहना है कि सरकार का पूरा प्रयास है कि कोरोना की तीसरी लहर जैसी स्थिति उत्पन्न ही न हो, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा कोविड टीकाकरण व कोविड अनुरूप व्यवहार के बारे में समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। आप भी त्योहार मनाएं लेकिन कोविड अनुरूप व्यवहार का पूरा ख्याल रखते हुए। 
बांगड़ हॉस्पिटल के डॉ नरेश खण्डेलवाल का कहना ही कि त्योहारों के  दौरान मास्क का इस्तेमाल तो करें ही साथ ही बाहर कुछ खाने पीने से पहले हाथों की सफाई करना या सेनेटाइज करना कतई न भूलें। कोशिश रहे कि बाजार की मिठाई की जगह पर घर ही कुछ मीठा बना लें। सिद्धि विनायक अस्पताल की डॉ रेखा शर्मा  का कहना ही कि 
नवरात्र पर  घर पर ही पूजा-पाठ को प्राथमिकता देना चाहिए । बुजुर्ग, गर्भवती और बच्चों को तो खास तौर पर भीडभाड़ वाले स्थानों जैसे - पूजा पंडाल और मेला आदि में शामिल होने से बचना चाहिए क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के चलते संक्रमण की जद में जल्दी आने की सम्भावना रहती है।

राम स्नेही अस्पताल के डॉ योगेश  दरगड ने कहा कि त्योहारों पर जितना संभव हो सके पकवान घर पर ही बनाएं और एक-दूसरे से खुशियां बांटें। बाहर से आने वाली वस्तुएं न जाने कितने हाथों से होकर घर तक पहुंचती हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, त्योहार का रंग भंग न होने पाए, इसलिए जरूरी है कि इन छोटे-छोटे उपायों पर पूरा ध्यान रखें।

मास्क या टिश्यू पेपर को बंद डस्टबिन में ही डालें
भीलवाड़ा हलचल  आग्रह करता है कि आप किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए अगर जा भी रहे हैं तो ध्यान रहे कि वहां कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए हर किसी का स्वस्थ स्वास्थ्य व्यवहार को अपनाना बहुत जरूरी है। सार्वजनिक स्थलों पर खासकर खांसते-छींकते समय मुंह व नाक को रुमाल या टिश्यू पेपर से अवश्य ढक लें और टिश्यू या मास्क को बंद डस्टबिन में ही डालें और हाथों को साबुन-पानी या सेनेटाइजर से स्वच्छ कर लें।

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