भारत विकास परिषद् राजस्थान मध्य प्रान्त की प्रांतीय महिला कार्यशाला सम्पन्न

 


भीलवाडा।  राजस्थान मध्य प्रांत की प्रांतीय महिला कार्यशाला पद्मजा का आयोजन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व रीजनल चेयरमैन डीडी शर्मा जी के अध्यक्षता एवं राजसमंद विधायक दीप्ति  महेश्वरी के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई।
          प्रांतीय महिला प्रमुख पूर्णा पारीक ने बताया कि सर्वप्रथम राजसमंद शाखा की मातृशक्ति द्वारा वंदे मातरम् गायन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, प्रांतीय अध्यक्ष पारसमल बोहरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला में उपस्थित सभी महिलाओं का अभिनंदन किया। रीजनल मंत्री गुणमाला जी अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला की आवश्यकता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला।
          विधायिका माननीय दीप्ति  माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में कहां की नारी की सफलता तभी संभव है जब परिवार से सहयोग और सभी का साथ हो। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को अपनी उर्जा एवं शक्ति को संग्रहित कर संस्कार निर्माण के कार्य में लगाना चाहिए।
          मीडिया प्रभारी महेश जाजू ने बताया कि कार्यशाला की प्रथम सत्र में परिषद के प्रकल्प की चर्चा की गई, प्रांतीय सह-महिला प्रमुख भारती मोदानी ने महिला आत्मनिर्भरता पर अपनी बात रखी, प्रांतीय संयोजिका ज्योति माहेश्वरी ने संयुक्त परिवार की महत्ता विषय पर अपने विचार सदन के समक्ष रखें, प्रांतीय संयोजिका सुनीता नाराणीवाल ने संस्कृति सप्ताह प्रकल्प की जानकारी दी और आग्रह किया कि 15 जनवरी तक सभी शाखाएं संस्कृति सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन करें।
          प्रांतीय संयोजिका रेखा जैन ने 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के मध्य आयोजित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नवरात्र उत्सव की प्रांतीय रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी, उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रांत की 24 से अधिक शाखाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न नवाचारों को करते हुए बहुत सुंदर ढंग से बेटी बचाओ का संदेश जनमानस तक पहुंचाने का कार्य किया और धरातल पर सभी मातृशक्तियों द्वारा पुरुष कार्यकर्ताओं के सहयोग से बहुत सुंदर ढंग से प्रकल्प का संपादन किया। 15 शाखाओं की महिला प्रमुख ने अप्रैल से अब तक शाखा द्वारा महिला व बाल विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की अपनी विस्तृत रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी।
          रीजनल मंत्री प्रमिला जी गहलोत ने अपने उद्बोधन में समाज के विकास में नारी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नारी सशक्तिकरण के विषय को सदन के समक्ष रखा। राजसमंद शाखा की महिलाओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।
          कार्यशाला के तीसरे सत्र में मुख्यवक्ता वन्दना वज़ीरानी, अखिल भारतीय सह निधि प्रमुख एवं चित्तोड़ प्रान्त कार्यवाहिका राष्ट्र सेविका समिति ने अपने उद्बोधन में समाज में नारी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहां की स्वयं सीता बने तो पुरुष राम स्वतः ही बन जाएंगे। अपने ऊर्जावान उद्बोधन में उन्होंने बताया की इतिहास साक्षी है नारी की अद्भुत क्षमता, शौर्य एवं साहस का। महिलाएं घर, परिवार, व्यवसाय सभी में तालमेल करते हुए समाज सेवा के कार्यों में भी उत्कृष्ट कार्य कर रही है और वर्तमान परिपेक्ष में संस्कारित नारी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रांतीय महिला प्रमुख पूर्णा जी पारीक ने प्रांतीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और श्रेष्ठ कार्यक्रम आयोजन के लिए सभी मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया।
          कार्यशाला के समापन सत्र में राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास सदस्या राजश्री गांधी ने एनीमिया मुक्त भारत व महिला आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम के संदर्भ में मार्गदर्शन देते हुए राजस्थान मध्य प्रांत की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की।
          अध्यक्षीय उद्बोधन में माननीय डीडी शर्मा जी ने प्रत्येक सत्र के वक्ताओं और प्रकल्प की विस्तृत व्याख्या करते हुए परिषद में जीवंत संपर्क और समर्पित कार्यकर्ता को महत्वपूर्ण बताया, उन्हें खुले सत्र में महिलाओं द्वारा पूछे गए प्रश्न और शंकाओं का समाधान करते हुए बहुत सुंदर ढंग से महिलाओं को कार्य करने के लिए प्रेरित किया। अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने सदस्यों के मध्य आकर यह संदेश दिया कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से कार्यकर्ता को कुछ ना कुछ नया सीखने को मिलता है और इस प्रकार के आयोजन तभी सफल होंगे जब जो विषय सदन के समक्ष रखे गए हैं उन्हें हम आत्मसात कर सेवा और संस्कार निर्माण के कार्यों में समर्पित भाव से लगे।
          प्रांतीय महासचिव सीए संदीप बाल्दी ने शाखा सम्मान कार्यक्रम के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रांत की 14 शाखाओं के नामों की घोषणा की, जिन्हें कार्यशाला में उपस्थित केंद्रीय एवं रीजनल दायित्वधारियों द्वारा शाखाओं की मातृशक्ति को सम्मानित किया गया। राजसमंद शाखा महिला प्रमुख सोनिया बंग ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन रेखा जैन एवं  कमलेश जी बंट ने किया।
          प्रांतीय महिला कार्यशाला में राष्ट्रीय मंत्री मुकंद सिंह राठौड़, राष्ट्रीय सेवा प्रोजेक्ट सदस्य कमल किशोर जी व्यास, महिला प्रमुख पश्चिम प्रांत श्रीमती इंदु जी शर्मा, प्रांतीय संयोजी का पश्चिम प्रांत अन्जना चौधरी और प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश तापड़िया का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।
          प्रांतीय महिला कार्यशाला की संपूर्ण व्यवस्था राजसमंद शाखा की मातृशक्ति द्वारा की गई। इस अवसर पर राजसमंद शाखा के अध्यक्ष संजय  एवं सचिव सुरेश सहित सभी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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