गाजियाबाद के व्यापारी व उसके दो दोस्तों को ईडी में शिकायत और देह शोषण मामले में फंसा जेल भिजवाने की धमकी देकर वसूले 16 लाख, भीलवाड़ा के व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज

 

 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। भीलवाड़ा का रैकेट बाहर के बड़े व्यवसाइयों को अपने जाल में फांसकर उन्हें झूंठें मुकदमों और झूंठी कार्रवाईयां करवाने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहा है। ऐसा ही  उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के एक इलेक्ट्रिक वायर बनाने वाली कंपनी के मालिक से जुड़ा मामला सामने आया है। पीडि़त व्यापारी ने भीलवाड़ा के एक व्यक्ति पर झूंठी शिकायतें कर और देह शोषण के मामले में फंसा कर जेल भिजवाने की धमकी देकर लाखों रुपये हड़पने की जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा को शिकायत देकर सुभाषनगर थाने में मामला दर्ज करवाया है। 
सुभाषनगर पुलिस ने हलचल को बताया कि बी-501, अपेक्स ग्रीन वैली सेक्टर 9 वैशाली गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश निवासी आशिष पुत्र भगवानदास कृपलानी ने पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा को रिपोर्ट। इसके मुताबिक, आशिष इलेक्ट्रिकल वायर बनाने व विक्रय करने का व्यवसाय करता है।  आशिष के मित्र विनोद अग्रवाल एवं बी के वर्मा, जिनकी फर्म इस्पान इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है। इसके तहत वे उत्तराखंड में रोड आदि बनाने का कार्य करते हैं। 
आशिष ने रिपोर्ट में बताया कि भीलवाड़ा में चित्तौडग़ढ़ रोड़ सिथत शारदा ड्रीम सिटी, गठिलाखेड़ा निवासी अनिरुद्ध शर्मा से उनका परिचय व मुलाकात परिवादी के एक मित्र के जरिये 2017 में हुई थी।  अनिरुद्ध ने आशिष  को अपने विश्वास में लिया कि उसके पास अच्छे संपर्क हैं और वह उसे (आशिष ) व्यवसाय में अच्छी मदद कर सकते हैं। इसके बाद अनिरुद्ध, आशिष  से लगातार संपर्क में रहा।  अनिरुद्ध, आशिष के व्यवसाय व फाइनेंशियल कंडीशन की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करता रहा।  इसी दौरान आशिष के मित्र विनोद अग्रवाल एवं बी.के वर्मा जिन्होंने इस्पात इन्फ्रास्ट्र्रक्चर लिमिटेड फर्म के नाम से उत्तराखंड में रोड बनाने का ठेका लिया हुआ था, से अनिरुद्ध शर्मा की जान-पहचान करवाई। इस पर अनिरुद्ध ने परिवादी के उक्त दोनों मित्रों को अपने विश्वास में ले लिया कि वह उनके रोड ठेके में पूर्ण रूप से मदद करेगा। उसने, इन दोनों से भी मेल-मुलाकात परिचय जारी रखा तथा उनके भी व्यवसाय व फाइनेंशियल कंडीशन की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली। इसके बाद अनिरुद्ध शर्मा ने आशिष व उसके दोनों मित्रों को धमकियां देना शुरू कर दिया। 

जीएसटी विभाग, ईडी, इन्कम टैक्स में शिकायत कर जेल भिजवाने की दी धमकी, मांगी मोटी रकम
अनिरुद्ध ने आशिष , विनोद अग्रवाल व बी. के. वर्मा को उनकी झूंठी शिकायतें जीएसटी विभाग, ईडी विभाग व इन्कम टैक्स में करके उन्हें जेल भिजवायेगा। इन धमकियों के आधार पर अनिरुद्ध इनसे मोटी रकम की मांग करने लगा। आशिष व उनके मित्र जब अनिरुद्ध के दबाव में नहीं आये तो उसने इन तीनों मित्रों को धमकाया कि उसे पैसा नहीं देने पर इनके खिलाफ देहशोषण आदि के केस दर्ज करवा देगा। उसके साथ कई वकील भी हैं, जो इस कार्य को बखूबी अंजाम देंगे।  परिवादी व उसके दोस्तों की जिंदगी जेल में निकलेगी। 

धमकी से घबरा गये तीनों दोस्त, खातों में तीन बार में दिये 16 लाख
आशिष ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि जेल भिजवाने की अनिरुद्ध की धमकी से तीनों दोस्त घबरा गये। झूंठे मुकदमों में फंसने की भय से आशिष  ने अनिरुद्ध शर्मा को गाजियाबाद में 9 अक्टूबर 20 को 6 लाख रुपये नकद दिये। इसके बाद जनवरी 21 में फिर रुपये मांगे तो आशिष  ने 3 लाख रुपये नकद दे दिये। इसके बाद फिर से वह धमकी देने लगा, तब अनिरुद्ध व उसकी पत्नी  के खाते में 7 लाख रुपये  जमा करवा दिये। इस तरह अनिरुद्ध ने डरा धमका कर आशिष से कुल 16 लाख रुपये वसूल लिये। 

फिर भी रंगदारी वसूलने का बंद नहीं हुआ काम
आशिष ने रिपोर्ट में बताया कि 16 लाख रुपये प्राप्त करने के बाद भी अनिरुद्ध का रंगदारी वसूलने का काम बंद नहीं हुआ। कुछ दिन पहले भी उसने परिवादी से और राशि देने की मांग की ओर उसे भीलवाड़ा आने व राशि देने के लिए धमकाया। इस पर 21 सितंबर को परिवादी अपने मौसेरे भाई अजमेर निवासी पंकज खटवानी के साथ भीलवाड़ा आया। 

अजमेर रोड़ पर होटल में आकर मांगे 30 लाख 
आशिष व उसका मौसेरा भाई भीलवाड़ा में अजमेर रोड स्थित एक होटल में रुके। आशिष  ने अनिरुद्ध को फोन किया तो कहा कि वह जल्दी आ रहा है। इसके बाद भी दो-तीन बार कॉल किये तो उसने यही बात दोहराई। शाम 5.45 बजे होटल के रेस्टोरेंट में परिवादी व उसका मौसेरा भाई बैठे थे, तभी अनिरु द्ध के भेजे दो व्यक्ति वहां आये। एक ने खुद को वकील बताया था। दोनों ने रुपये देने की मांग की। अनिरुद्ध से वाट्सअप कॉल पर बात करवाई। वह धमकी देने लगा कि उसके द्वारा भेजे गये वकीलों को 30 लाख रुपये और देने पड़ेंगे नहीं तो परिवादी को जेल जाने का अंजाम भुगतना पड़ेगा और भीलवाड़ा से बाहर नहीं निकल पायेगा। 

चमोली के बद्रीनाथ थाने में भी दर्ज करवाया मुकदमा
आशिष ने रिपोर्ट में बताया कि अनिरुद्ध द्वारा की जा रही अवैध वसूली के कृत्य के खिलाफ बी.के वर्मा ने भी एक आपराधिक प्रकरण की एफआईआर नंबर 01/ 2021 पुलिस थाना बद्रीनाथ, जिला चमोली में दर्ज करवाई है। उधर, पुलिस अधीक्षक को आशिष द्वारा दी गई रिपोर्ट के साथ बद्रीनाथ थाने में दर्ज एफआईआर, वाट्सअप चेट डिटेल की कॉपी, अनिरुद्ध व उसकी पत्नी के खातों में जमा करवाये रुपयों की रशीद की कॉपी भी पेश की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 

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