हरतालिका तीज के लिए आवश्यक हैं ये पूजा सामग्री, नोट कर लें पूरी लिस्ट

 

हरतालिका तीज कल 09 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस पावन पर्व के लिए कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरु हो जाती हैं। हरतालिका तीज में नए कपड़ों की खरीदारी, पूजन सामग्री, सुहाग की सामग्री, मूर्तियों आदि की आवश्यकता पड़ती हैं। जो महिलाएं पहले से इस व्रत को करते आ रही हैं, वे आसानी से हरतालिका तीज पूजा की सामग्री लेकर आ गई होंगी या लाने वाली होंगी। समस्या उन लोगों को होता है, जो पहली बार हरतालिका तीज का व्रत करने वाली हैं और उनको हरतालिका तीज की पूजा सामग्री के बारे में नहीं पता है। आपको इसे लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। जागरण अध्यात्म में आज हम आपको हरतालिका तीज की पूजा सामग्री के बारे में बताने जा रहे हैं, ताकि आप अपने व्रत के लिए इन सामग्री व्यवस्था कर लें।

जैसा कि आपको पता है कि हरतालिका तीज का व्रत अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है और इसमें माता पार्वती तथा भगवान शिव की पूजा प्रमुखता से की जाती है। इस पूजा में श्रृंगार की वस्तुएं, नए वस्त्र आदि की आवश्यकता होती है।

हरतालिका पूजा की आवश्यक सामग्री

मिट्टी का एक कलश, रेत या काली मिट्टी, लकड़ी का एक पाटा, लाल या पीला कपड़ा, नारियल, माता पार्वती के लिए चुनरी, सुहाग का सामान, काजल, मेंहदी, चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, बिछिया, महावर, कंघी, शीशा की आवश्यकता होगी। इसके अलावा पूजा के लिए बेलपत्र, केले का पत्ता, शमी पत्र, धतूरा फल, धतूरा पुष्प, तुलसी, मंजरी, कलेवा, नए वस्त्र, जनेऊ, फल, फूल, गाय की घी, सरसों तेल, अबीर, चंदन, कुमकुम, कपूर, दीपक, पंचामृत आदि।

इसमें काली मिट्टी से माता पार्वती और शिव जी की मूर्ति बनाकर पूजा करते हैं। पूजा के समय हरतालिका तीज व्रत कथा का पाठ या श्रवण अवश्य करें। पूजा के समापन पर माता पार्वती और शिव जी की आरती करें।

डिस्क्लेमर

''इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।''

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