ब्राह्मणों की सरेरी का है आनंद गिरि, महंत नरेन्द्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का है आरोपी

 

भीलवाड़ा (राजकुमार माली) । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और देश के बड़े निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेन्द्र गिरि की प्रयागराज में सोमवार को संदिग्ध मौत मामले में पुलिस की रडार पर आया उनका परम शिष्य आनंद गिरि  भीलवाड़ा जिले के ब्राह्मणों की सरेरी का रहने वाला है। जिसे सहारनपुर की एसओजी टीम ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया है।
जानकार सूत्रों के अनुसार आनंद गिरि भीलवाड़ा जिले के रहने वाले रामेश्वर चोटिया के सबसे छोटे बेटे बताए गए हैं उनके दो बड़े भाई भंवरलाल और कैलाश भी हैं जबकि एक छोटी बहन है रामेश्वर लाल कृषि कार्य करते हैं और इनके मकान के पास ही चारभुजा जी का मंदिर भी है जहां उन्होंने कुछ समय पूजा-अर्चना भी की थी। यह भी जानकारी मिली है कि आनंद गिरि जब छठी  में पढ़ते थे तो वह घर छोड़कर प्रयागराज पहुंच गए। कई सालों तक उनका पता नहीं लगा ।लेकिन हरिद्वार के कुंभ में आनंद गिरि के होने की जानकारी मिलने पर उनके पिता वहां पहुंचे । तब तक आनंद गिरी नरेंद्र गिरी के आश्रम में पहुंच चुके थे और उनके शिष्य बन गए यह भी जानकारी मिली है कि कुछ समय पहले आनंद गिरि लोक डाउन के दौरान ब्राह्मणों की सरेरी पहुंचे थे उस समय उनकी माता का निधन हुआ था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक आनंद गिरि के पिता रामेश्वर लाल का जब एक्सिडेंट हुआ तो उनका उपचार भी प्रयागराज के एक अस्पताल में कराया गया । लेकिन रामेश्वर लाल ने इस बात से इनकार किया है यही नहीं आनंद गिरि की भतीजी यों का विवाह भी कुछ समय पहले ही हुआ था उसमें भी उन्होंने आर्थिक मदद की थी।
 ग्रामीणों में यह भी चर्चा है आनंद गिरि के परिवार जनों का वहां आश्रम में लगातार आना-जाना बना रहने के चलते कई बार उनके बीच कहासुनी भी हुई थी लेकिन यह सभी जांच के विषय हैं आनंद गिरि पर महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगने के बाद गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं लेकिन परिवार जन इस संबंध में चुप्पी साधे हुए हैं

उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरी की प्रयागराज में मौत के बाद यूपी पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमे उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि को मौत की वजह बताया था। उसके बाद ही पुलिस उन्हेंं संदिग्ध मान रही थी। सोमवार शाम से ही उत्तराखंड पुलिस उनके कांगड़ी गाजीवाली के आश्रम पंहुच गई थी और हाउस अरेस्ट कर रखा था। रात करीब साढ़े 10 बजे यूपी पुलिस की सहारनपुर एसओजी की टीम पंहुची और बन्द कमरे में पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। हरिद्वार से सहारनपुर पुलिस ने आनंद गिरि को हिरासत में लिया। इसके बाद मंगलवार को प्रयागराज रवाना हो गई। प्रयागराज में आनंद गिरि के खिलाफ महंत नरेन्द्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्रयागराज एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर एक अन्य शिष्य अमर गिरी पवन महाराज की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।

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