संगीत के गुनगुनाने से रक्त संचार में वृद्धि होती हे

 

भीलवाड़ा हलचल।  संगीत एक ऐसी विधा हे जिसके गुनगुनाने मात्र से ही रक्त संचार में वृद्धि होती हे और उच्च स्वर में गाने पर इसमें कई गुना वृद्धि होती हे जो स्वास्थ्य के लिये बहुत लाभदायक हे।आवश्यक नहीं की हम लय ताल के साथ ही गावे।ये विचार वरिष्ठ नागरिक संस्थान के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रांतीय अध्यक्ष भंवर सेठ ने अजमेर के ग्रुप 18 द्वारा आयोजित ओनलाइन संगीत समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरीको के लिए तो यह बहुत ही जरूरी है।कार्यक्रम के प्रारंभ में दिलीप पारिक ने कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता हे गीत और डायलॉग प्रस्तुत किए, पंडित आशीष ने विभीषण गीता और गणपति वंदना प्रस्तुत की।प्रदेश महामंत्री मदन खटोड़ ने एक गीत हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा सुनाया,गोपाल द्वारा जिंदगी का सफर हे ये कैसा सफर,डा प्रमोद माथुर ने एक कविता हंस के तो देखो सुनाकर दाद बटोरी।डा एन के माथुर ने अकेले हे चले आओ गीत व जयदेव ने एक गजल प्रस्तुत की।जिला अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यक्रम का सुंदर संचालन करते हुए के के गौड़ ने देशभक्ति गीत सुनाया।टेक्निकल संयोजन प्रेरणा गौड़ का रहा।इस अवसर पर अजमेर जिला सचिव जे पी शर्मा,डा पी के शर्मा,श्याम कुमार डाड,वीणा खटोड़ आदि उपस्थित थे।

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