पंजशीर के सैनिकों ने twitter पर किया एक चौंकाने वाला खुलासा, Talibani झूठे मुसलमान

 

काबुल. Afghanistan पर कब्जा जमा चुके Taliban को पंजशीर के सैनिकों ने झूठा मुसलमान बताया है। पंजशीर प्रांत के नाम से twitter पर बने एक पेज पर एक बड़ा खुलासा किया गया है। Panjshir_Province नाम से बने इस पेज पर एक पोस्ट की गई है, जिसमें कहा जा रहा है Taliban दावा करता है कि वो पंजशीर में घुस चुका है या मौजूद है, ये सब झूठ है। पेज पर लिखा गया-एक मुसलमान होने के नाते यह बहुत जरूरी है कि आप किसी भी चीज के बारे में झूठ न बोलें। आपने कई वीडियो और तस्वीरें देखी होंगी; जिसमें तालिबान ने दावा किया था कि वे #Panjshir में प्रवेश कर रहे हैं या वे पहले से ही पंजशीर में हैं। ये इतने बड़े झूठे, प्रचार और फर्जी खबरों से भरे हुए हैं।

पंजशीर के सैनिक यह अवश्य मानते हैं कि तालिबान से भीषण लड़ाई चल रही है, लेकिन वे अभी अंदर नहीं आ पाए हैं। तमाम स्थानीय मीडिया से मिल रहीं खबरों से खुलासा हुआ है कि इस लड़ाई में अभी तक तालिबान को अधिक नुकसान हुआ है।

(तालिबान के खिलाफ मोार्चा संभाले पंजशीर के लड़ाके)

Panjshir_Province पेज पर खुलासा किया गया है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तर से और काबुल से भी अपने खास लड़ाकों को इकट्ठा किया है। कहा जा रहा है कि अब भीषण युद्ध के आसार हैं।

(पंजशीर के लड़ाके किसी कीमत पर तालिबान के आगे हार मानने को तैयार नहीं है)

 

Panjshir_Province के पेज की एक पोस्ट के जरिये तालिबान को कड़ी चुनौती मिलने की बात कही गई है। इसमें लिखा गया-हमारे राष्ट्रीय प्रतिरोध बल(national resistance force) दुश्मन का सामना करने के लिए तैयार हैं। पंजशीर पर हमला करने की उन्हें खून बहाकर बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। 
 

बता दें कि विभिन्न मीडिया की खबरों के अनुसार तालिबान के लिए पंजशीर में घुसना कठिन हो रहा है। पंजशीर ने एक वीडियो जारी करके बताया कि इस लड़ाई में 40 से ज्यादा तालिबानी मारे गए हैं, जबकि 19 तालिबानियों को दबोच लिया गया है।

Panjshir_Province पेज पर तालिबानियों की नीयत पर सवाल उठाते हुए लिखा गया कि तालिबान अपनी मां को भले जिंदा न देखें, लेकिन एक बार पंजशीर में दाखिल होना जरूर चाहते हैं। पंजशीर पेज पर लिखा गया कि 90 के दशक में उनके पिता(तालिबान के पूर्व नेता) घाटी में घुसने की करते थे, लेकिन वे रास्ते में ही मारे गए। अब ये उनके बेटों(मौजूदा तालिबानी) के लिए एक सपना है, उनमें से भी ज्यादातर मारे जाएंगे। 

Panjshir_Province पेज पर कविताओं के जरिये भी सैनिकों का जोश दिखाया जा रहा है। इससे पंजशीर लड़ाके अपनी कला-संस्कृति के बचाव का भी मैसेज देते हैं। एक कविता लिखी गई-
पंजशीर में सब ठीक है
आजादी
मैं कितने कठोर नारे में रहता हूं
आजादी
आजादी
आजादी

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