एएसआई, मुख्य आरक्षक व वकील के खिलाफ एसीबी कोर्ट में चालान पेश

 


 भीलवाड़ा/ कोटा बीएचएन। कोटा के विज्ञाननगर थाने के तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक हजारी लाल व मुख्य आरक्षक रामप्रताप सिंह और वकील बाबूलाल के खिलाफ   अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो स्पेशल यूनिट, कोटा ने एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया है।  
एसीबी चौकी कोटा शहर व एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बीएचएन को बताया कि 18 जनवरी 2019 को परिवादिया पूजा राठौड एवं सहपरिवादी सुमित श्रीवास्तव ने एसीबी चौकी कोटा शहर में  एक प्रार्थना पत्र   पेश किया कि मैं विज्ञान नगर कोटा स्थित अमृतम हॉस्टल, लीज पर लेकर चला रही हूं। जिसका एग्रीमेन्ट  1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019  तक अवधी के लिए है। एग्रीमेन्ट अनुसार मैने 1 अगस्त 2018 तक 1795,000 रूपये राकेश कुमार सिंघल को दे दिये। इसके बावजूद राकेश सिंघल मेरे से जबरन हॉस्टल खाली करवाना चाह रहा है। राकेश सिंघल अपने मैनेजर प्रकाश व्यास के जरीये मेरे तथा मेरे परिचित सुमित श्रीवास्तव एवं अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध थाना विज्ञान नगर में एक प्रकरण किराया समय पर नहीं देने, हॉस्टल में घुसकर मारपीट करने, लूटपाट करने, हॉस्टल पर कब्जा करने इत्यादि आरोपों के तहत दर्ज करवा दिया, जो सरासर झूठा है। थाना विज्ञान नगर में दर्ज प्रकरण में मुझसे व  सुमित श्रीवास्तव से  प्रकाश व्यास से समझौता करने तथा प्रकाश व्यास द्वारा दर्ज करवाये गये प्रकरण में एफआर लगाने के नाम पर  बाबूलाल वकील,  रामप्रताप सिंह राजावत आदि मुझसे एंव  सुमित श्रीवास्तव से रिश्वत की मांग कर रहे है। हम हमारे जायज काम के बदले रिश्वत नहीं देना चाहते हैं। इस रिपोर्ट पर रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया । यह सत्यापन आरोपी बाबू लाल वकील द्वारा आरोपी हजारी लाल एएसआई की उपस्थिति में प्रकरण संख्या 04 / 2019 में एफ.आर. दिलवाने के नाम पर 2,00000/ रिश्वत की मांग कर एक लाख रुपये  पहले व एक लाख रुपये एफ. आर. लगने के बाद देने के लिए कहा।  इस पर आरोपी हजारी लाल रिश्वत मांग से सहमत हुआ। आरोपी रामप्रताप सिहं द्वारा भी वक्त सत्यापन सहपरिवादी सुमित श्रीवास्तव से प्रकरण से नाम निकालने के नाम पर एम.आई. कम्पनी के मोबाईल एवं थानाधिकारी के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई। आरोपियों को शक होने पर ट्रेप कार्यवाही नहीं हो सकी। इस पर प्रकरण संख्या 359 / 2020 विरूद्ध हजारी लाल,   बाबू लाल व  रामप्रताप सिहं के विरूद्ध एसीबी  मुख्यालय पर दर्ज किया। उक्त प्रकरण का अनुसंधान धर्मवीर सिहं उप अधीक्षक पुलिस, एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा द्वारा किया गया । प्रकरण में बाद अनुसंधान आरोपीगणों के विरूद्ध धारा 7.7ए संशोधित पी0सी0 एक्ट 2018 एवं 120 बी आई.पी.सी. का अपराध प्रमाणित पाया जाने पर आरोपी हजारी लाल व रामप्रताप सिहं के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति  पुलिस अधीक्षक कोटा शहर से प्राप्त की गई। सम्पूर्ण अनुसंधान से आरोपी हजारी लाल तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक पुलिस, रामप्रताप सिहं तत्कालीन हैड कानि थाना विज्ञान नगर एवं  बाबू लाल वकील के विरूद्ध अपराध प्रमाणित पाया जाने पर आरोपियों के विरूद्ध  एसीबी कोर्ट कोटा में चालान पेश किया। 

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