बिना लिखित आदेश के अतिक्रमण हटाने पहुंचे परिषद दस्ते को लौटना पड़ा बेरंग

 


 भीलवाड़ा प्रहलाद तेली । चित्तौड़गढ़ हाईवे स्थित ओवर ब्रिज के नजदीक आटूण सरहद की गठीला खेड़ा कॉलोनी में एक भूखंड पर बनी चार दिवारी का कुछ हिस्सा गुरुवार सुबह नगर परिषद ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया, लेकिन नगर परिषद टीम के पास कोई लिखित आदेश नहीं होने से पुलिस ने इस कार्रवाई को रुकवा दिया। ऐसे में दस्ते को बैरंग लौटना पड़ा। संजय जैन ने बीएचएन को बताया कि ग्राम आटूण क्षेत्र स्थित गठीला खेड़ा कॉलोनी में उनका एक प्लॉट है जो उन्होंने 2010 में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र से खरीदा था इस प्लॉट पर कोर्ट का स्टे है । जैन ने बताया कि कोर्ट का आदेश है कि भूखंड  निर्माण उपयोग उपभोग में कोई भी बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। इसे लेकर कलेक्टर, एसपी और सीएमओ को उन्होंने मेल भेजकर शिकायत दी है ।इसके बावजूद गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे नगर परिषद का दस्ता जेसीबी के साथ भूखंड पर पहुंचा और निर्माण का कुछ हिस्सा तोड़ दिया। जैन का आरोप है कि नगर परिषद दस्ते के पास तोड़फोड़ के कोई लिखित आदेश नहीं थे। ऐसे में प्रताप नगर पुलिस को सूचना दी गई ।पुलिस मौके पर पहुंची और नगर परिषद दस्ते से लिखित आदेश मांगा, जो उनके पास नहीं था। ऐसे में पुलिस ने दस्ते को तोड़फोड़ करने से रोक दिया ।बाद में जेसीबी और नगर परिषद का यह दस्ता बैरंग लौट गया। इस मामले में नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता अजय पाल सिंह ने कहा कि कोर्ट का स्टे होने के बावजूद भूखंड पर निर्माण करवा दिया गया, ताकि भूखंड पर अपना कब्जा साबित किया जा सके । उधर, सिंह ने यह भी कहा कि आज नगर परिषद का दस्ता मौखिक आदेश पर अतिक्रमण हटाने पहुंचा था।अब दुबारा कारवाई पूरी तैयारी के साथ की जाएगी।

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार

महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित गिरफ्तार

डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिये कटा हुआ हाथ जोड़ा