पंचमुखी दरबार की धमकी के बाद यूआईटी ने कि‍या ले आउट नि‍रस्‍त

 


भीलवाड़ा। लाखों लोगों की आस्था के केंद्र पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी के आमरण अनशन की धमकी के बाद आखिरकार नगर विकास न्यास ने कार्रवाई की। भू-माफिया द्वारा काटी निजी कॉलोनी का आवासीय ले-आउट प्‍लान निरस्त कर दिया है। यह वही ले-आउट प्‍लान है, जिसमें पंचमुखी दरबार की बाउंड्रीवाल के पीछे 60 फीट रोड पर भी प्‍लॉट काट दिए गए थे। यूआईटी सचिव अजय कुमार आर्य ने ले-आउट प्‍लान निरस्त करने के आदेश जारी किए। इससे पूर्व ले-आउट प्‍लान समिति की बैठक में निरस्त का निर्णय लिया गया। भूमि मालिक जूनावास में महताब की टाल के पास ए-61 निवासी हीरालाल जाट पुत्र देव लाल जाट को यह आदेश भेज दिया गया। इसी के साथ यह जमीन खरीदकर कॉलोनी काटने वाले भू-माफियाओं में खलबली मच गई। आदेश में कहा गया कि राजस्व ग्राम भीलवाड़ा की आराजी संख्या 1617, 1619, 1620, 1621, 1622 रकबा 1.1254 हे€टेयर का आवासीय प्रयोजनार्थ ले-आउट प्‍लान 6 अक्‍€टूबर 2021 को न्यास द्वारा अनुमोदित किया गया था। इस योजना प्‍लान में तिलक नगर योजना की 120 फीट सड़क से पंचमुखी दरबार की बाउन्ड्री के सहारे-सहारे 60 फीट सड़क दर्शाई गई है जिसे हीरालाल जाट द्वारा प्रस्तुत आवासीय ले-आउट प्‍लान में नहीं दर्शा कर उसके स्थान पर आवासीय भूखण्ड, पार्क, ओ.सी.एफ. व 30 फीट की सड़कें दर्शाई गई है। यह नियमानुसार नहीं है तथा संबंधित आराजी के अनुमोदित ले-आउट प्‍लान में दर्शित सड़कों की चौड़ाई से मौके पर निर्मित सड़कों की चौड़ाई कम उपलब्‍Žध होती है। यह ले-आउट प्‍लान अनुमोदन की शर्तों की अवहेलना है। हीरालाल द्वारा प्रस्तुत ले-आउट प्‍लान में तथ्यों को छुपाकर न्यास में गलत ले-आउट प्‍लान प्रस्तुत किया गया जो न्यायोचित नहीं है।

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