दाहोद के एक और जातरु ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या पहुंची 3 तक , सभी घायल रैफर, कमेटी जुटी जांच में

 


भीलवाड़ा बीएचएन। अजमेर हाइवे पर बालापुरा के नजदीक बीती रात घटित सड़क हादसे में घायल एक और जातरु ने दम तोड़ दिया। इसी हादसे में कुशलगढ़ के मां-बेटे की पहले मौत हो चुकी है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन तक पहुंच गई। इस बीच, सभी घायलों को भी रैफर कर दिया गया। वहीं तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद दाह-संस्कार के लिए परिजन उनके पैतृक गांव के लिए लेकर रवाना हो गये। कमेटी इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

रायला थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि सोमवार रात हाइवे पर स्थित चाय की दुकान पर एक पिकअप रुकी। इस पिकअप में बांसवाड़ा, मध्यप्रदेश व गुजरात के गाडोलिया लौहार जाति के लोग थे, जो रामदेवरा से दर्शन कर बांसवाड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान एक टैंकर ने खड़ी पिकअप व इसके पास खड़े जातरुओं को चपेट में ले लिया था। 
 हादसे में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ निवासी सोना 35 पत्नी दिनेश गाडोलिया लौहार  व इसके बेटे सुनील 12 की मौत हो गई, जबकि मृतक महिला के पति व बेटी सहित नौ जने घायल हो गये।  जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। देर रात इन्हीं घायलों में से एक और घायल दाहोद, गुजरात निवासी जितिन 35 पुत्र चंपक गाडोलिया लौहार   ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या तीन तक पहुंच गई। वहीं शेष सभी आठ घायलों को मंगलवार सुबह रैफर कर दिया गया। उधर, तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिये गये। ये शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन अपने पैतृक गांव के लिए लेकर रवाना हो गये। 

कमेटी ने शुरु की हादसे के कारणों की जांच
जिला कलेक्टर आशीष मोदी व पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गये थे। दोनों अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का जायजा लिया। हादसे के कारणों की जांच के लिए कमेटी बनाई। इसमें डीटीओ, एनएचआई के अधिकारियों को शामिल किया गया। ये कमेटी मौके पर पहुंची और बारिकी से निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। 

ये कारण आ रहे हैं सामने
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर हादसे के कारणों की जांच में प्रमुख तौर पर सामने आया कि जहां हादसा हुआ, वहां से शाहपुरा की ओर जाने वाली सर्विस लाइन है। इस टर्न पर न तो रोशनी की व्यवस्था है और न ही कोई संकेतक लगा है। ऐसे में प्रथमदृष्टया हादसे के ये ही कारण माने जा रहे हैं। हालांकि कमेटी की जांच अभी जारी है। 

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