अशोक गहलोत ने कहा- जोधपुर में बनेगी 600 करोड़ से फिनटेक यूनिवर्सिटी, धन की नहीं होगी कमी

 


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  जोधपुर पहुंचे और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रहे डिजी फेस्ट 2022 रोजगार मेला और प्रदर्शनी में छात्रों को संबोधित किया. इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान की पहली फाइनेंस और टेक्नोलॉजी (फिनटेक डिजिटल) यूनिवर्सिटी जोधपुर में बनेगी. इस यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट के लिए  31 कोर्स होंगे. 

बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में हर साल 4 हजार स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल सकेगा. इसके लिए राज्य सरकार ने 600 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है. यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग एक साल में बनकर तैयार हो जाएगी, जिसका काम जोधपुर के करवड़ में काम शुरू गया है. वहीं, जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर पीजी तक के स्टूडेंट एडमिशन ले सकेंगे. अभी चारदीवारी का काम चल रहा है. बताया जा रहा है कि यहां अभी तक 8 करोड़ का काम पूरा कर लिया गया है.

सीएम गहलोत ने कहा कि इसमें केंद्र ने राज्य का साथ नहीं दिया, जबकि यह मांग यहां के सांसद और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की थी. अब स्टेट फंडिंग से ही यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है. सीएम ने कहा कि भारत सरकार ने कुछ नहीं किया. हम 600 करोड़ लगा रहे हैं तो केंद्र सरकार 200 करोड़ ही दे दे. क्योंकि सांसद ने रिकमंडेशन की थी. फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन एनके सिंह ने इसके लिए बहुत हेल्प की.

सीएम गहलोत बोले- आईटीआई, एम्स, एनएलयू, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, निफ्ट, एफडीडीआई, आयुर्वेद यूनिवर्सिटी जैसी इतनी संस्थाएं एक साथ होना जोधपुर का सौभाग्य है. वह देखना चाहेंगे कि एमएलए मांगते-मांगते थक जाएंगे, लेकिन वह देते-देते नहीं थकेंगे. ज्यादा जरूरत भी पड़े, तो भी पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी.

डिजिटल यूनिवर्सिटी का उद्देश्य
इस बहुद्देश्यीय यूनिवर्सिटी की स्थापना से समाज-जीवन और प्रदेश-देश में सामाजिक और आर्थिक विकास से लेकर सामुदायिक तरक्की के विभिन्न क्षेत्रों को सम्बल प्राप्त होगा. खासकर प्रशिक्षित मानव संसाधनों की मांग पूरी करने, सामाजिक विज्ञान, कला, साहित्य, इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, भाषा, मीडिया व प्रबंधन में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, शिक्षा, विधि, अर्थशास्त्र, प्रबंधन, गवर्नेंस, नीति निर्माण जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में तकनीक आधारित शोध को बढ़ावा दिए जाने के साथ ही जोधपुर तथा प्रदेश के युवाओं को आर्थिक, वित्तीय, डिजिटल और तकनीकी विषयों के आधुनिकतम ज्ञान से रूबरू कराने और इन क्षेत्रों में नई पीढ़ी के कौशल विकास की दृष्टि से अप्रत्याशित लाभ एवं आशातीत सफलता हासिल होगी.

विकसित होगा कम्प्यूटिंग का ग्लोबल हब
फिनटेक डिजिटल यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड आईटी, फाइनेंस एण्ड अकाउंटिंग, डाटा एनालिटिक्स और एनालिटिकल मैथेमेटिक्स जैसे केन्द्रों की स्थापना की जाएगी. इसके तहत निजी क्षेत्रों के सहयोग से विभिन्न अत्याधुनिक तकनीक आधारित कोर्स उपलब्ध करवाए जाएंगे. साथ ही आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआई), ब्लॉकचैन, डाटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, बायो-कम्प्यूटिंग, ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स एण्ड डिसरप्टिंग कन्वेंशन मॉडल ऑफ वर्क एंड बिजनेस जैसे एक्सीलेंस केंद्रों की स्थापना भी प्रस्तावित हैं.

विश्वविद्यालय का बहुमंजिला भवन अत्याधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानक का होगा, जो दूर से ही वर्चुअल दुनिया का आभास करवाने वाला होगा. प्रस्तावित विश्वविद्यालय के नाम में जोड़ा गया शब्द फिनटैक फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन को इंगित करता है, अर्थात् विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में तकनीक आधारित वित्तीय सेवाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर भी फोकस किया जाएगा.

अत्याधुनिक इमारतें होंगी आकर्षण का केन्द्र
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, जोधपुर के एसीपी, उप निदेशक श्री जे.पी. ज्याणी के मुताबिक इस विश्वविद्यालय में मुख्य रूप से अकेडमिक ब्लॉक, वर्कषॉप, गेस्ट हाउस, डीन रेजिडेन्स, फैकल्टी ब्लॉक, नॉन टीचिंग स्टाफ ब्लॉक, हॉस्टल व प्लेग्राउण्ड का निर्माण किया जायेगा. यूनिवर्सिटी में दो एकेडमिक ब्लॉक बनेंगे. इनमें से प्रत्येक अकादमिक ब्लॉक ग्राउण्ड फ्लोर सहित 8 मंजिला होगा. इसमें 20 स्मार्ट क्लासरूम होंगे. तीन मंजिल की वर्कशॉप बनाई जाएगी, जिसमें विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सुविधाएं होगी. नौ मंजिल का शिक्षक आवास, 7 मंजिल का गैर शिक्षकों का आवास, तीन मंजिल का निदेशक व डीन का कार्यालय, 9 मंजिल का छात्रावास और 2 मंजिल का गेस्ट हाउस बनाया जाएगा. सभी इमारतें एक सीध में तीन ब्लॉक में होंगी। फिनटेक यूनिवर्सिटी का काम तेजी से चल रहा है. फिलहाल चारदीवारी का काफी हद तक काम हो चुका है. विश्वविद्यालय के लिए सरकार द्वारा प्रथम किश्त के तौर पर प्रदत्त 8 करोड़ रुपए का काम पूरा हो गया है.

3 से 4 साल के होंगे स्नातक पाठ्यक्रम-:
फिनटेक डिजिटल यूनिवर्सिटी में सर्टिफिकेट कार्यक्रम एक साल, स्नातकोत्तर कार्यक्रम 2 साल और स्नातक कार्यक्रम 3 से 4 साल तक के होंगे। प्रत्येक क्लास में 30 अथवा 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा. हर साल 10 विद्यार्थी पीएचडी करके निकलेंगे. इसमें कई सारे महत्त्वपूर्ण पाठ्यक्रमों की सुविधा उपलब्ध होगी. इनमें 7 सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, 16 स्नातक पाठ्यक्रम, 8 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, 10 पीएचडी स्टूडेंट पाठ्यक्रमों सहित कुल 31 पाठ्यक्रम संचालित होंगे. इस विवि में हर साल 4 हजार विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी.

सूर्य नगरी में स्थापित होने जा रही राजीव गांधी डिजिटल फिनटेक यूनिवर्सिटी इस क्षेत्र का परिदृश्य बदल कर रखने वाली सिद्ध होगी. आने वाले समय की मांग और जरूरतों के अनुरूप डिजिटल प्रतिभाओं को निखारने वाली इस यूनिवर्सिटी में विशेषकर साइबर सुरक्षा और तेजी से बदलती तकनीक के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंक, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स ऑटोमेशन और कंप्युटरीकृत उत्पादन पर फोकस किया जाएगा.

डिजिटल यूनिवर्सिटी का ये है नया कंसेप्ट
पूरी दुनिया इंटरनेट से जुड़ी सेवाओं पर निर्भर होती जा रही है. वित्तीय सेवाओं से लेकर छोटे-बड़े सारे कार्यों के लिए लोगों की अब इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ती ही जा रही है. ऐसे में अब साइबर अटैक का खतरा भी पांव पसारने लगा है. इससे निपटने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी फौज की जरूरतों को यह पूरा करेगी ताकि आने वाले समय में देश के लोगों को साइबर अटैक से बचाया जा सके. वर्तमान में तकनीक के क्षेत्र में निरन्तर होते जा रहे बदलावों के साथ आईबर सुरक्षा की दृष्टि से सांजस्य बिठाते हुए नई तकनीक का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए भी जोधपुर में स्थापित हो रही डिजिटल फिनटेक यूनिवर्सिटी लाभदायी सिद्ध होगी.

इससे दिल्ली, बैंग्लोर, मुम्बई, हैदराबाद, पूणे, चेन्नई आदि महानगरों में संचालित शिक्षण संस्थानों के समकक्ष नई पीढ़ी को लाभान्वित करने की दिशा में सरकार का यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा.

इन पाठ्यक्रमों पर रहेगा फोकस
इस यूनिवर्सिटी में मुख्य रूप से चार पाठ्यक्रमों का संचालन होगा. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई), इंटरनेट ऑफ थिंक(आईओटी), मशीन लर्निंग(एमआई), रोबोटिक्स, ऑटोमेशन व कंप्युटरीकृत मैन्युफैक्चरिंग। अधिकांश पढ़ाई ऑनलाइन होगी. ऐसे में ज्यादा बड़े बिल्डिंग्स स्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं रहेगी बल्कि प्रेक्टिकल के लिए लैब्स एवं सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की ही आवश्यकता रहेगी.

स्टार्टअप को मिलेगा बेहतर प्लेटफार्म
वर्तमान में जोधपुर में एम्स, आईआईटी, फैशन इंस्टीट्यूट, फुटवियर डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट, कृषि विश्वविद्यालय, एमबीएम इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, एनएलयू, काजरी, आफरी व डेजर्ट मेडिसन रिसर्च सेंटर, रिमोट सेंसिंग सेंटर सहित कई संस्थान हैं. इन सभी के साथ यह एक महत्त्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा सकेगा. साथ ही यहां से निकलने वाले छात्रों के माध्यम से स्टार्ट अप कल्चर को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप निखरेंगे और इनका लाभ जोधपुर एवं राजस्थान प्रदेश को मिलेगा.

डिजिटल क्रांति का सपना होगा साकार
इस विश्वविद्यालय के माध्यम से नए जमाने के अनुरूप व्यापक तौर पर डिजिटल क्रांति का सपना साकार किया जा सकेगा. इसमें नई तकनीकों पर गहनता से अध्ययन कराया जाएगा. इसके साथ ही इस तकनीक का उपयोग वित्तीय सेवाओं के साथ ही कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा व उद्योगों में किए जाने लायक बेहतर प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा, ताकि इसका लाभ आम आदमी तक तेजी से पहुंच सके. इससे जोधपुर में  पहले से विद्यमान कृषि व स्वास्थ्य से जुड़े बेहतरीन संस्थानों को भी तकनीकी लाभ प्राप्त होगा. इसके साथ ही औद्योगिक विकास की दृष्टि से समृद्ध जोधपुर में बड़ी संख्या में संचालित उद्योग भी इस नई यूनिवर्सिटी के साथ टाईअप कर अपने उद्योगों को नई तकनीक से अपग्रेड कर सकेंगे.

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