राजस्थान में संवैधानिक संकट होने का आरोप लगाकर राज्यपाल और राष्ट्रपति तक जाएगी भाजपा

 


जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सी.पी.जोशी ने दो महीने बाद भी निर्णय नहीं किया है। अब भाजपा इस मुददे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलेगी। जोशी के महाराष्ट्र में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने पर भी भाजपा को आपत्ति है। भाजपा का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष जैसे सैंवधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी राजनीतिक यात्रा में शामिल नहीं होना चाहिए । विधानसभा में अध्यक्ष बनने वाला नेता पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा देता है। ऐसे में जोशी ने राहुल की यात्रा में शामिल होकर पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाया है।

 

निष्पक्ष होकर निर्णय करना चाहिए

विधायकों के इस्तीफों और जोशी के राहुल की यात्रा में शामिल होने के मुददे को लेकर भाजपा आगामी दिनों में राज्यपाल और राष्ट्रपति तक जाएगी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि दो महीने बाद भी इस्तीफों पर निर्णय नहीं करना यह दिखाता है कि जोशी कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिशा-निर्देश पर काम कर रहे हैं। उन्हे निष्पक्ष होकर निर्णय करना चाहिए,लेकिन वे खुद पार्टी बन रहे हैं ।

90 विधायकों ने संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के आवास पर बैठक की और फिर विधानसभा अध्यक्ष के पास जाकर इस्तीफे सौंपे थे। भाजपा का कहना है कि इस प्रकरण को 62 दिन हो गए,लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने अब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं किया है। जोशी कांग्रेस आलाकमान और गहलोत के इशारे पर काम कर रहे हैं। विधानसभा में भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने विधायकों के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस्तीफे सौंपे थे।

बात के लिए उपलब्ध नहीं हो सके

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 208 के तहत बने राजस्थान विधानसभा प्रक्रियाओं के नियमों के नियम 173(2) के तहत स्वेच्छा से दिए विधायकों के त्याग पत्र स्वीकार करने की मांग की है। राठौड़ ने कहा कि आज तक यह परंपरा नहीं रही कि विधानसभा अध्यक्ष किसी राजनीतिक पार्टी की रैली,पदयात्रा अथवा कार्यक्रम में शामिल हो। लेकिन जोशी ने राहुल की पदयात्रा में शामिल होकर सैंवधानिक पद की परंपरा का नुकसान किया है। इस मामले में जोशी से संपर्क करने का प्रयास किया गया,लेकिन वे बात करने के लिए उपलब्ध नहीं हो सके ।

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