Sunday, May 30, 2021

मजदूर की पत्नी के बैंक खाते से 90 लाख का ट्रांजेक्शन, दिल्ली के ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में गिरफ्तार

 


दिल्ली । दिल्ली में हुए ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी मामले में दर्ज कांड को लेकर शनिवार को दिल्ली पुलिस की टीम भागलपुर पहुंची. यहां दिल्ली पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों की तलाश में छापेमारी की और घोघा थाना क्षेत्र के पक्कीसराय निवासी एक महिला को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस गिरफ्तार महिला को दिल्ली ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड काे कोर्ट पहुंची. लेकिन, कोर्ट की कार्यवाही बंद होने की वजह से रविवार सुबह उन्हें दोबारा कोर्ट बुलाया गया.

ऐसे हुआ खुलासा

दिल्ली के एक थाना में दर्ज कांड के अनुसंधानकर्ता करणवीर ने बताया कि करीब एक माह पूर्व एक व्यक्ति ने दिल्ली में ऑक्सिजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा को लाखों रुपये खरीदने का केस दर्ज कराया था. शिकायतकर्ता ने कालाबाजारी करने वाले गिरोह के बैंक खाते में पैसों के ट्रांसफर करने की बात बतायी थी. जांच में बैंक खाता भागलपुर के घोघा थाना क्षेत्र की कुछ महिलाओं का निकला.

बैंक प्रबंधन ने कालाबाजारी के दौरान ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल किये गये खातों की विस्तृत जानकारी निकाली. इसमें पाया कि भागलपुर के 21 महिलाओं के बैंक खातों को कालाबाजारी के दौरान पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया है. महिलाओं की विस्तृत जानकारी लेकर दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह भागलपुर के घोघा थाना क्षेत्र पहुंची, जहां दिल्ली पुलिस ने भागलपुर पुलिस के सहयोग से पक्कीसराय, आमापुर व कहलगांव क्षेत्र में छापेमारी की. इस दौरान सरिता देवी की गिरफ्तारी हुई.

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क्या है मामला :

सरिता देवी ने बताया कि कुछ माह पूर्व ही छोटा भाई गुड्डू मंडल बेगूसराय निवासी साथी रौशन सिंह को लेकर आया था. रौशन सिंह ने एनजीओ के तहत कई योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आमापुर व पक्कीसराय में कई महिलाओं का बैंक खाता खुलवाया. दोनों ही गांव की 21 महिलाओं का आधार कार्ड लेकर पहले उनके नाम से एक नया मोबाइल सिम निकाला गया. इसके बाद नये मोबाइल नंबरों को ही बैंक खातों से जोड़ कर एचडीएफसी बैंक में सात महिला, केनरा बैंक में नौ महिला और यूनियन बैंक में पांच महिलाओं के खाते खुलवाये गये. सभी 21 महिलाओं के बैंक खातों के पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित नये मोबाइल नंबरों के सिम भी रौशन सिंह अपने साथ लेकर चला गया. इसके बाद से बैंक खातों में दिल्ली सहित पूरे देश में कोविड 19 के दौरान हुए ऑक्सीजन सहित अन्य दवाओं की कालाबाजारी को लेकर भारी मात्रा में पैसों की लेन-देन की गयी.

कहीं बड़ी साजिश तो नहीं

महिला के दावे को यदि मानें, तो इसके पीछे एक बड़े गैंग की कहानी छुपी हुई है. एक मजदूर यदि अपने खाते से लाखों रुपये की लेनदेन करेगा भी तो कहीं खर्च भी करेगा. इस महिला ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है. यह महिला किसी गैंग की साजिश का हिस्सा अनजाने में बन गयी है.

गिरफ्तार सरिता देवी पर क्या है आरोप

सरिता देवी पर आरोप है कि उनके बैंक खाते से ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर दवा के कालाबाजारी के दौरान पैसों का लेन-देन किया गया. एचडीएफसी बैंक के कहलगांव शाखा से 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया. सरिता देवी पक्कीसराय गांव के रहने वाले ईंट भट्टा मजदूर सौदागर मंडल की पत्नी हैं. दंपती को चार बेटियां और एक बेटा है. गिरफ्तारी के बाद शनिवार दोपहर में ही एचडीएफसी बैंक प्रबंधन के कर्मी भी महिला के घर पहुंचे थे. हालांकि सरिता देवी मामले में खुद को निर्दोष बता रही हैं.

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