फसल चक्र ब-सजयायेगा उत्पादन का चक्र -ं डाॅ. नागर

 


भीलवाड़ा हलचल।  कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा एवं अरणिया घोड़ा शाहपुरा द्वारा कोविड 19 के दौरान आॅनलाइन कृषक प्रशिक्षण सुरक्षित कृषि कार्य और फसल चक्रका महत्त्व विषय पर आयोजित किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ. सी. एम. यादवने जिले में कोराना के भयावह मंजर देखते हुए बताया कि किसान भाई सामाजिकदूरी का पालन करते हुए मास्क का उपयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न देते हुएअधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण करवाये। डाॅ. यादव ने केन्द्र द्वारा स्थापितकिसान हेल्पलाइन से अवगत कराते हुए बताया कि किसान भाई कृषि समस्याओं का बिनाकिसी संकोच के कभी भी समाधान प्राप्त कर सकते है।शस्य वैज्ञानिक डाॅ. के. सी. नागर ने केन्द्र की गतिविधियों से अवगत करायाऔर फसल चक्र के महत्त्व पर चर्चा करते हुए बताया कि दलहन, तिलहन एवं खाद्यान्नको बदल-ंउचयबदल कर बोने से उत्पादन एवं भूमि की उर्वरता में वृद्धिहोती है। बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र आरजिया के प्रोफेसर ललित छाता ने कपासकी खेती करने वाले किसानों को बताया कि उत्तम किस्म के बीजों का चयन करेंतथा बीज खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें।कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा के सहायक प्राध्यापक डाॅ. रामावतार ने फसल चक्रकी उपयोगिता एवं जैविक खेती अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि खेती में रसायनोंका अन्धाधुन्ध प्रयोग करने से मृदा का स्वास्थ्य निरन्तर गिरता जा रहा है औरगम्भीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है जो चिन्ता का विषय है। डाॅरामावतार ने कोविड 19 के दौरान कृषि में यन्त्रिकरण की आवश्यकता बताते हुएकृषि यन्त्रों को सेनिटाइज करने और निश्चित अन्तराल पर साबुन से हाथ धोने कासु-हजयाव दिया। फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्ड़ावत एवं गोपाल टेपन ने प्रशिक्षणमें भाग लेने वाले कृषकों को धन्यवाद ज्ञापित किया और आगामीप्रशिक्षणों एवं गतिविधियों में भाग लेने का आग्रह किया। प्रशिक्षण में 48
कृषकों की सहभागिता रही।

 

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