भीलवाड़ा में पहली बार अयोध्या के प्रेमभूषण महाराज की दिव्य रामकथा 20 सितंबर से

 


भीलवाड़ा विजय गढ़वाल
धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार अयोध्या के श्रीराम कथा के सरस गायक प्रेम मूर्ति प्रेमभूषण महाराज 20 सितंबर से राम कथा का वाचन करेंगे। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि भीलवाड़ा में पहली बार दिव्य रामकथा का आयोजन अयोध्या के श्रीराम कथा के सरस गायक प्रेम मूर्ति प्रेमभूषण महाराज के मुखारविंद से होगा। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर से 28 सितंबर तक होने वाली राम कथा के लिए भव्य डोम लगाया जाएगा। इसमें हजारों भक्तगण कथा श्रवण कर सकेंगे। श्राद्ध पक्ष में होने वाली राम कथा चित्रकूट धाम या मोदी ग्राउंड में रखी जाएगी। महंत बाबूगिरी महाराज ने बताया कि इस भव्य कथा के आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी, साध्वी ऋतंभरा के साथ ही हरिद्वार, प्रयागराज और राजस्थान के कई संत-महंतों सहित राजनेता को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर विभिन्न कमेटियों का गठन किया जाएगा। बाबूगिरी महाराज ने बताया कि यह कथा संकटमोचन हनुमान मंदिर को श्रवण कराने के लिए आयोजित की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि संकटमोचन हनुमान मंदिर द्वारा प्रतिवर्ष हनुमान जयंती पर भजन संध्या, काजू कतली का भोग, कृष्ण जन्मोत्सव, गुरु पूर्णिमा पर अन्नकूट आदि धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
कथा वाचक प्रेमभूषण महाराज
उत्तरप्रदेश के प्रयाग में 21 जनवरी 1969 को प्रेमभूषण महाराज का जन्म हुआ। बचपन ननिहाल में नितान्त अभावों में बीता। स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई कानपुर से की। इसके बाद 1989 में अवध आ गए। यहीं से अनेक संत महापुरुषों के संपर्क में आए और सत्संगति मिलने पर प्रेमभूषण महाराज के रूप में सनातन जगत को एक राम कथाकार की प्राप्ति हुई। वे जाने माने राम कथा के वाचक और अवधी और हिंदी भजन गायक भी हैं। 1991 में उन्होंने अवध में कत्थक और भजन गायकों से मुलाकात की और उनकी रुचि राम कथा में बढ़ने लगी। उन्होंने 1993 में राम कथा का वाचन शुरू किया। उन्होंने कई प्रवचन दिए हैं और वे राम भजनों के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। उनकी कथा में संगीत वाद्ययंत्र के रूप में हारमोनियम, करतल और तबला शामिल है।

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