खाट एक बच्चे 4, सरकारी अस्पताल में ऐसे हो रहा है इलाज

 


 

भरतपुर। संभाग में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा अस्पताल भरतपुर शहर में स्थित है। जहां महिलाओं के अलावा बच्चों के वार्ड भी हैं। फिलहाल इस अस्पताल की स्थिति खराब है क्योंकि एक बेड पर तीन से पांच बच्चों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। यहां तक की वहां जमीन पर भी लिटा कर बच्चों का इलाज किया जा रहा है।

 मौसमी बीमारियों का प्रकोप

जिस तरह से अभी भीषण गर्मी का दौर है उसके चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। खांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। इसलिए बीमार होने पर बच्चों को इस अस्पताल में लाया जा रहा है, ताकि उनका यहां इलाज किया जा सके। हालांकि, 2 या 3 दिन बाद तबीयत ठीक होने पर बच्चों को डिस्चार्ज भी किया जा रहा है। 

शिशु विशेषज्ञ हरिमहन ने बताया कि मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। जिससे बच्चे बीमार हो रहे हैं। मरीज बच्चों की संख्या बढ़ गई है और अस्पताल में बेड की संख्या कम है। फिर भी मैनेज कर बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जो बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं बेड की कमी के चलते उन्को भगाया तो नहीं जा सकता। पहले अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 600 से 700 रहती थी जो आज बढ़कर 1100 से 1200 तक हो गई है।

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