VIDEO व्यापारी बोले टूटी सड़कों से हमारी ग्राहकी प्रभावित, सांस की बीमारी हो रही सो अलग


भीलवाड़ा आकाश गढ़वाल/नगेंद्र सिंह
एक ओर सरकार की ओर से भीलवाड़ा में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं लेकिन सड़कों की दुर्दशा की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। व्यापारी ही नहीं, राहगीरों और ग्राहकों को टूटी सड़कों के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अब भगवान की जगह यूआईटी को याद करने लगे हैं कि यूआईटी जाने। 
भीलवाड़ा हलचल की टीम ने बुधवार को शहर की सड़कों की जायजा लिया तो यह व्यथा सामने आई। व्यापारियों का कहना है कि टूटी सड़कों से उनकी ग्राहकी प्रभावित हो रही है। दिनभर मिट्टी उड़ने से एक ओर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आने लगी है वहीं दिनभर दुकान की साफ-सफाई में ही उनका टाइम निकल जाता है। गंगापुर चौराहा स्थित दुकानों के व्यापारियों ने भीलवाड़ा हलचल को बताया कि हम कई बार यूआईटी को लिखकर दे चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़कों पर दिनभर में हजारों वाहन निकलते हैं और गड्ढों के कारण मिट्टी उड़ती है। ऐसे में उनके व्यापार पर असर पड़ रहा है। ग्राहक भी नहीं आते वहीं टेक्सटाइल मार्केट के वाहन उनकी दुकानों के बाहर खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। व्यापारियों का कहना है कि टेक्सटाइल सिटी के नाम से दुनिया में प्रसिद्ध भीलवाड़ा की सड़कों की हालत बिहार की तरह हो रही है। कुछ दिनों तक देश में सबसे खराब सड़कों के लिए बिहार का नाम पहले आता था लेकिन भीलवाड़ा भी उसमें शामिल हो गया है। यह हालात केवल गंगापुर चौराहे के नहीं हैं। पुराना आरटीओ रोड हो, पांसल चौराहा हो या फिर शहर का कोई भी स्थान, कोई भी जगह ऐसी नहीं है जहां सड़क दुरुस्त हो। लोगों में आक्रोश है और वे सड़कों के दुरुस्तीकरण की मांग करते हैं लेकिन कोई सुनने वाला भी तो चाहिए। व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ही इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आम लोग कहां जाए। कहा तो यह जाता है कि सरकार और प्रशासन जनता के हित में कार्य करते हैं लेकिन भीलवाड़ा की स्थिति को देखते हुए यह लाइन कहीं फिट नहीं बैठती। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए लेकिन प्रशासन को फुर्सत ही नहीं है कि वह लोगों की समस्याएं हल करें।
इतना ही नहीं सरकारी कार्यालयों के बाहर भी सड़कों की दुर्दशा हो रही है और लोगों को आने-जाने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बापूनगर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के ऑफिस के बाहर रोड पर बड़ा गड्ढ़ा हो रहा है। आज भीलवाड़ा हलचल की टीम के सामने ही एक बुजुर्ग उस गड्ढे में गिरते-गिरते बचा।
गंगापुर चौराहे पर पुलिसकर्मी, फिर भी हो रहे सड़क हादसे
शहर के व्यवस्ततम गंगापुर चौराहे पर यातायात संतुलन के नाम पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं लेकिन फिर भी हादसे हो रहे हैं। लोग तेज स्पीड से यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए रोड पर चलते हैं लेकिन पुलिसकर्मियों को छाया में आराम करने से फुर्सत नहीं है। आज दोपहर एक बाइक पर गर्भवती पत्नी को लेकर अस्पताल जा रहे एक व्यक्ति को स्कूटी सवार ने टक्कर मार दी। बाइक सवार के पैर में चोट लगी और खून बहने लगा। स्कूटी सवार मौके से भाग निकला। हादसे के 20 कदम की दूरी पर छाया में आनंद ले रही पुलिस मौजूद थी लेकिन उसे भनक तक नहीं लगी। राहगीरों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया जिससे लगा कि आज भी इंसानियत जिंदा है।
भीलवाड़ा की सड़कों की यह दुर्दशा आज से नहीं बल्कि काफी समय से है। लोगों में आक्रोश है कि प्रशासन सुनवाई नहीं करता। जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे और शिकायत करने जाते हैं तो केवल आश्वासन का झुनझुना उन्हें पकड़ा दिया जाता है लेकिन इसके बाद भी कुछ नहीं होता। व्यापारियों का कहना है कि जब प्रशासन और सरकार हमारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रही है तो बात-बात पर टैक्स क्यों लेती है। लोगों का कहना है कि हम शहर के विकास के लिए वोट देते हैं और जब जनप्रतिनिधि ही हमारी बात नहीं सुनते हैं तो हम अगली बार उन्हें वोट क्यों दें। 

गांवाें में हालात खराब -

भीलवाड़ा शहर के नि‍कट आटूण रोड की हालत बद से बदत्‍तर हो रही है। डामर जगह जगह से पूरी तरह उखड़ चुकी है लेकि‍न यूआईटी इस ओर आंखें मूंदे बैठी है। 
  


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