रामधाम में किया संतों का सम्मान, 3 दिवसीय श्रीमद भगवत गीता पर प्रवचन कार्यक्रम का समापन

 


भीलवाड़ा । श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम में ओकारेश्वर मार्केडय आश्रम के संस्थापक एवं संतो को विद्वान बनाने वाले स्वामी प्रणवानंद सरस्वती के मुखारविंद से आयोजित 3 दिवसीय श्रीमद भगवत गीता पर प्रवचन कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। इस मौके पर संत सरस्वती ने कहा कि अपने कर्म से घर के भीतर को मंदिर बना देना। कृष्ण भगवान ने गीता में अर्जुन को उपदेश देते हुए कहा कि सूर्य ब्रह्मांड में प्रकाशमान करता है उसी प्रकार एक आत्मा संपूर्ण क्षेत्र को प्रकाशमान करती है। ईश्वर का निरंतर चिंतन स्मरण करना चाहिए। आज हमें ईश्वर ने सब कुछ दिया है तो रामधाम में सुंदर गौशाला है। कई जगह अनाथ बालक है  अपनी कमाई से कुछ निकाल कर उनके लिए खर्च करना पुण्य कार्य है। जीवन का लक्ष्य मन को  अंतकरण से परोपकार कार्य करना व भगवत भक्ति ईश्वर सेवा में लगाना है। शांति आनंददाई मार्ग है इसे अपनाना चाहिए। प्रवचन के दौरान विरक्त संतों का सम्मान किया गया। रामधाम में तीन दिवसीय कार्यक्रम में संत प्रणवानंद सरस्वती, संत रामचरण दास, संत किशोर चैतन्य , संत वासुदेव चैतन्य का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस मौके पर वीणा मानसिंहका, प्रतिभा मानसिंहका, अनुपमा मानसिंहका, हेमंत मानसिंहका, बंशीलाल सोडाणी, कन्हैयालाल मुंदड़ाआदि ने संतों का सम्मान किया।

 

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