देवनारायण जयंती पर होंगे कई कार्यक्रम,घर-घर जाकर दिये जा रहे है चावल

 


भीलवाड़ा ।  भगवान देवनारायण की 1111वीं जयन्ति को विशाल एवं भव्य बनाने के लिए एक मिटिंग गुर्जर छात्रावास में सम्पन्न हुई जिसमें- सर्व समाज द्वारा विशाल वाहन रैली शहर के विभिन्न मार्गो से निकालने, 22 जनवरी से 29 जनवरी तक विभिन्न स्थानो पर रक्तदान शिविर आयोजित कर 1111 यूनिट रक्त संग्रह करना, 1111 किलो हरा चारा व गुड गायों को खिलाना , हिन्दू समाज के सभी घरो के बाहर एक-एक दिया जलाकर प्रकाशपर्व मनाना । हिन्दू समाज के सभी अग्रिम संगठन के पदाधिकारियो से मिलजुल कर एकता भाईचारा के तहत विशाल वाहन रैली में भाग लेना । 29 जनवरी को प्रातः 9.15 बजे गुर्जर छात्रावास की भूमि पूजन करना सहित कई कार्यक्रम रखे गये है। उक्त सभी कार्यक्रम भगवान देवनारायण जन्मोत्सव सेवा सप्ताह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
         उदयलाल भडाणा ने बताया क‍ि 28 जनवरी को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री की भगवान देवनारायण की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी के कार्यक्रम में भाग लेने सहित उक्त सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक ग्रामीणो को पधारने हेतु घर-घर जाकर पीले चांवल दिये जा रहे है।  ग्रामीण एवं श्रद्वालुओ में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयन्ति मनाने के प्रति अभी से काफी हर्ष उमंग है।
          बैठक में राजस्थान गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष मोहनलाल सराधना , भैरूलाल भडाना, शंकरलाल गुर्जर, पार्षद जगदीश गुर्जर, देवीलाल गुर्जर, भंवरलाल हरल,, महेन्द्र पाटिल, गोपीलाल गुर्जर, सुरेश गुर्जर, श्रीलाल गुर्जर, चेनुलाल गुर्जर, भगवतीलाल गुर्जर, भैरूलाल गाडरी, सुखदेव गाडरी, कल्याण गाडरी, राधेश्याम गाडरी, सांवरमल गाडरी रामप्रसाद गाडरी सहित सैकडो कार्यकर्ता आदि देवभक्त उपस्थित थे।

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित गिरफ्तार

घर-घर में पूजी दियाड़ी, सहाड़ा के शक्तिपीठों पर विशेष पूजा अर्चना