महावीर सिंह खुदकुशी प्रकरण- दस लाख नहीं देने पर पोक्सो का दर्ज करवा दिया मुकदमा, परेशान होकर लगा लिया था मौत को गले, दस लोगों पर केस दर्ज

 


 करेड़ा अशोक श्रोत्रिय।  ढिकानी गांव के महावीर सिंह राजपूत खुदकुशी मामले में मंगलवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब घटना के दूसरे दिन मृतक के पिता ने  दस लोगों पर दस लाख रुपये की मांग करने व नहीं देने पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करवा कर खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला करेड़ा थाने में दर्ज करवाया है।  उधर, मामला दर्ज होने से पहले तक महावीर का शव घर में ही पड़ा था। 

करेड़ा थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने हलचल को बताया कि रायपुर थाने के ढिकानी गांव निवासी महावीरसिंह 21 पुत्र गिरवरसिंह राजपूत की कपासन पुलिस पोक्सो एक्ट के एक मामले में तलाश कर रही थी। महावीर सिंह ने सोमवार को मनोहरपुरा में रहने वाली अपनी मौसी के खेत पर बने कमान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने  पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया था। उधर, बताया गया है कि मृतक के रिश्तेदार गुजरात में होने से शव का कल दाह-संस्कार नहीं किया गया। आज दूसरे दिन मृतक के पिता सहित अन्य लोग करेड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने महावीर के परेशान होकर खुदकुशी करने की बात कहते हुये रिपोर्ट पेश की। 
इस रिपोर्ट में गिरवर सिंह ने बताया कि उसका 21 वर्षीय बेटा महावीर सिंह व 17 साल की एक नाबालिग आपस में प्रेम करते थे। इसकी जानकारी नाबालिग के भाई, जीजा, बहन, मां को भी थी।  ये लोग शादी कराने की बात कहकर नाबालिग को साथ ले जाने की बात कहते। नाबालिग के जीजा ने अपनी इको गाडी से नाबालिग को उसके गांव से बेमाली चौराहा लाने तथा अपने साथ लेकर जाने की बात कही। उसकी ईको गाडी भी महावीर सिंह को दे दी। परिवादी के बेटे महावीर ने नाबालिग के जीजा से कहा कि लड़की नाबालिग है, जब वह बालिग होगी शादी कर लूंगा। लेकिन जीजा सहित तीन लोगों ने उसे नाबालिग को साथ ले जाकर एक बार शादी करने व उसके बाद समाज मेंदूसरी बार शादी करवा देने के लिए कहा। इस पर महावीर ने इनकी बात पर विश्वास कर लिया। 9 मार्च को  नाबालिग को उसी के जीजा की गाड़ी से उसके गांव से बेमाली चौराहा ले गाया और दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद सभी आरोपितों ने परिवादी व पुत्र से कहने लगे कि नाबालिग की शादी महावीर सिंह से करवा देंगे।उसे हमारे पास छोड़ दो। इस पर महावीर सिंह ने समाज व अन्य लोगों के सामने नाबालिग को उसके परिजनों को सौंप दिया। साथ ही इन लोगों ने बाद में शादी करवाने की बात कही। 
इसके बाद सभी आरोपित महावीर सिंह को धमकी देने लगे कि नाबालिग की शादी महावीर से करवानी है तो दस लाख रुपये लाकर दो, नहीं तो महावीर सिंह के खिलाफ पोक्सो का मुकदमा दर्ज करवा कर जेल में सड़वा देंगे। परिवादी का पुत्र व नाबालिग दोनों प्रेम करते थे। उन्होंने मंदिर में शादी भी कर ली। लेकिन आरोपितों ने महावीर से दस लाख रुपये की मांग की और नाबालिग की शादी करवाने से भी इनकार कर दिया। इसके चलते महावीर सिंह को भारी मानसिक आघात पहुंचा। इस तरह आरोपितों ने नाबालिग की शादी समाज में परिवादी के पुत्र के साथ कराने की बात कहकर उसकी पत्नी को अपने साथ ले गये और शादी कराने से इनाकर कर दिया। साथ ही दस लाख रुपये की मांग करने लगे। नहीं दने पर परिवादी के पुत्र के खिलाफ पोक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने लगे। रुपये नहीं देने पर उसके पुत्र के खिलाफ पोक्सो का मुकदमा दर्ज करवा दिया। इस प्रताडऩाओं से महावीर ने 9 मई को मनोहरपुरा में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने इस रिपोर्ट पर दस लोगों के खिलाफ महावीर सिंह को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। बता दें कि मामला दर्ज होने से पहले तक महावीर सिंह का शव दूसरे दिन भी उसके घर में ही पड़ा था। 

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