पुलिया के निर्माण सामग्री की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला हुआ खुलासा, जांच के पहले ही क्षतिग्रस्त जगह से हटा दी सीमेंट और कंक्रीट

भीलवाड़ा (राजकुमार-सम्पत माली)। पालड़ी पुलिया पर एफएसएल की प्रारम्भिक जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई है। जहां से पुलिया दरकी है वहां सीमेंट और गिट्टी की मात्रा नाममात्र की पाई गई है। जांच के लिए टीम ने स्लैब पर गड्ढा किया तो कोई परेशानी नहीं आई और साधारण दीवार की तरह उसमें खड्डा हो गया और सरिये दिखने लगे। जबकि आरसीसी में इस तरह से खड्डा होना संभव ही नहीं है।
सुभाषनगर थाने में मामला दर्ज होने के बाद जांच के लिए थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा व एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पहली बार जब वह पहुंची थी तो शुक्रवार को टूटी हुई जगह ही थी लेकिन कुछ देर बाद वापस पहुंची तब तक छोटे छेद की जगह चार गुणा बीस फीट से गिट्टी पूरी तरह से हटा ली गई। वहां आरसीसी का जाल ही रह गया। मजदूर किसने भेजे इस बात को लेकर नगर विकास न्यास के अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आये। उनका कहना था कि उन्हें पता नहीं जबकि हलचल की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मजदूर काम करते हुए मिले और एक मजदूर ने तो बताया कि उन्हें यूआईटी से काम करने के लिए कहा गया है। इस बात को लेकर भी वहां खासी चर्चा रही कि मजदूर किसके थे। इसी दौरान थाना प्रभारी ने जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश नम्बर की एक जीप और चालक को पोरवाल हॉस्पीटल के बाहर से थाने भिजवाई जिसमें मजदूरों के लाने की बात सामने आई थी। वही व्यक्ति वीडियो में भी नजर आये है। 
मौके पर थाना प्रभारी रिणवा ने कहा कि नगर विकास न्यास की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तोडफ़ोड़ का मामला दर्ज करवा गया। जांच के बाद ही पता लग पाएगा कि तोडफ़ोड़ हुई है या नहीं । उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जांच में किस तरह खुदाई हो रही है आप ही देख रहे है। 
एफएसएल टीम अपने साथ आरसीसी का काम करने वाले बबराणा निवासी नारायण जाट को लेकर आई थी जिसने आसानी से स्लैब को सैम्पल के लिए डेढ किलो के हथौड़े और छीणी से खोद दिया और ऊपर की पपड़ी ही नहीं बल्कि आरसीसी तक को खोद दिया। जहां से एफएसएल ने सेम्पल लिये है खुदाई के दौरान सीमेंंट और गिट्टी नाममात्र की निकली। आरसीसी का कई सालों से काम कर रहे नारायण ने कहा कि आरसीसी की छत में इस तरह से खुदाई नहीं हो सकती। उसका कहना था कि इस पर भारी वाहन चलेंगे तो यह टूट भी सकता है। इसमें ठोसपन कहीं भी नहीं है। उसने दावे से कहा कि बीस साल पुरानी आरसीसी भी इस तरह से नहीं टूटती। 
मौके पर चर्चा थी कि यह तो ठीक रहा कि उद्घाटन से पहले ही पुलिया के हालात पता लग गया नहीं तो बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। नगर विकास न्यास के निर्माण से जुड़़े अधिकारी मौके पर हो रही खुदाई को देखकर कुछ बोलने से कन्नी काटते नजर आये। 
मार्ग को पूरी तरह से बन्द किया :
एफएसएल टीम और पुलिस ने जांच के बाद इस मार्ग पर किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होने और कोई काम नहीं कराने की हिदायत भी दी है। कल वहां कैमरे लगाने की बात भी कही गई लेकिन अब तक वहां कोई कैमरे नहीं लगे है। 
मचा हड़कम्प :
पुलिया निर्माण की गुणवत्ता को लेकर प्रारंभिक जांच में जो परतें उखड़ कर सामने आ रही है उससे नगर विकास न्यास के निर्माण शाखा के अधिकारियों और ठेकेदार पर प्रश्न चिन्ह लगता नजर आ रहा है। वहीं इसे लेकर हड़कम्प मचा है। वर्तमान में निर्माण शाखा के अधिकारी बदल गये है। जब निर्माण हुआ तब दूसरे अधिकारी और जेईएन थे। जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि निर्माण के दौरान सीमेंट और गिट्टी का कितना इस्तेमाल किया गया, क्या यह निर्धारित मात्रा में थी या नहीं। वहीं जांच के लिए सरिए की क्वालिटी और मोटाई का भी खुलासा होगा। एफएसएल टीम ने जांच के लिए सरिये का नमूना भी लिया है। 


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