हरिद्वार में कैंसर रोग के उपचार पद्धति पर अखिल भारतीय स्तरीय सम्मेलन संपन्न

 

 शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी | राजीव दीक्षित आयुर्वेद शोध संस्थान के तत्वावधान में कनखल उत्तराखंड में स्वदेशी दिवस के मौके पर कैंसर विशेषज्ञ महासम्मेलन में कैंसर रोगियों के उपचार पर विस्तार से मंथन किया गया। देशभर से आये आयुर्वेद के वैद्यों की मौजुदगी में इस दौरान भीलवाड़ा के मोतीबोर का खेड़ा स्थित श्रीनवग्रह आश्रम की उपचार पद्वति को मान्यता देकर केंसर रोगियों के उपचार के लिए आश्रम की ओर से किये जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए केंसर जागरूकता एवं कैंसर मुक्त विश्व के निर्माण की अवधारणा को आत्मसात करने का संकल्प पारित किया गया।
हरियाणा सरकार के पूर्व शिक्षामंत्री प्रो रामबिलास शर्मा की अध्यक्षता में हुए दिन भर के सम्मेलन में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सुनील जोशी, गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति डा सोमदेव, महामंडलेश्वर श्यामा माता, स्वामी कर्मवीर की मौजूदगी में हुए समारोह में मुख्य वक्ता श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष हंसराज चोधरी ने केंसर रोग के कारणों व उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कैंसर रोगियों के प्रति संवेदनशील होकर ही उनका उपचार संभव है। इसके लिए भावनात्मक रूप से रोगी को परिवार का सदस्य बनाकर उपचार करना चाहिए। उन्होंने आश्रम के नवाचारों की जानकारी दी तो समूचा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं की राय बनी कि पूरी दुनिया में कैंसर जब अपने तेजी से पांव पसार रहा है और महामारी का रूप ले चुका है। ऐसी हालत में आयुर्वेद की तरफ पूरी दुनिया आशा की टकटकी लगाए देख रही है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार कैंसर रोगियों की संख्या जो 2030 तक होनी थी वह 2024 में ही होने का अनुमान घोषित किया जा चुका है। ऐसी परिस्थिति में आयुर्वेद के श्रेष्ठ व्यक्तियों का क्योंकि कैंसर रोग में अपनी दक्षता रखते हैं, निरंतर रिसर्च करते हैं,एक दिन के लिए हरिद्वार के कनखल में एकत्र हुए ओर मंथन किया जो सराहनीय है।
नवग्रह आश्रम के मीडिया प्रभारी मूलचन्द पेसवानी ने बताया कि गहन मंथन के दौरान देश के ख्यातनाम आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के वैद्यौं द्वारा अपने शोध पत्रों के माध्यम से प्रस्तुतीकरण में श्री नवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के वैध हंसराज चैधरी ने कैंसर चिकित्सा को अत्यंत सस्ता एवं प्रभावी करने के लिए कास्ट औषधियों के उपयोग हरे पत्तों के स्वरस एवं परहेज पर पूरा ध्यान देने के लिए जानकारी दी। साथ ही नवग्रह आश्रम द्वारा औषधीय पौधों एवं गौ संरक्षण पर किए जा रहे नवाचारों से सभी को अवगत करवाया। जिससे तीनों अतिथियों ने सराहना करने के साथ-साथ अनुकरणीय बताया।

 



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