मांडल विधानसभा को लेकर चर्चाएं गर्म, किसको टिकिट मिलेगा, किसका कटेगा, अभी से खींचतान

 


भीलवाड़ा (हलचल)। मांडल विधानसभा में आगामी चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने कहा कि हमारा उम्मीदवार तो रामलाल जाट ही है और मैं आने वाले विधानसभा में चुनाव नहीं लड़ूंगा। 
एक निजी चैनल द्वारा रामपाल शर्मा के दिखाए गए इंटरव्यू में आज भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगी। रामपाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने यह कहा कि मांडल से जिला परिषद का चुनाव रामलाल जाट ने पहले भी प्रद्युम्न सिंह उर्फ हैप्पी बन्ना को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा के लिए रामलाल जाट ही सर्वमान्य उम्मीदवार है। 
इस इंटरव्यू के बाद कई तरह की चर्चाएं चल पड़ी थी। जिनमें लोग यह मानने लगे कि रामलाल जाट ने हैप्पी बन्ना को विधानसभा में चुनाव लड़वाया और फिर जरूरत पड़ी तो लड़वा सकते है। लेकिन वास्तविकता जिला परिषद से जुड़ी हुई है।
मांडल विधानसभा क्षेत्र में राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने विकास के जितने काम करवाये है वे अब तक के सबसे अधिक है। पैराफैरी क्षेत्र होने से यूआईटी का काफी पैसा वहां विकास कार्य में खर्च किया गया है। जिससे मांडल आज शहर का पहला ऐसा कस्बा बन गया है जहां भूमिगत लाइट, पानी और अन्य सुविधाएं लोगों को मिली है। जाट के सामने कांग्रेस से अभी कोई ऐसा चेहरा दिखाई नहीं देता तो जो मांडल से चुनाव लड़ सके। रामपाल शर्मा पहले ही चुनाव लडऩे से इन्कार कर चुके है। 
निजी चैनल के डिबेट में भाजपा को लेकर भी चर्चा की गई जिसमें पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर, नंदलाल गुर्जर आदि की दावेदारी बताई गई है जबकि इस क्षेत्र से उदयलाल भडाणा, बालुलाल आचार्य के नामों की भी खासी चर्चा है। पार्टी किसे टिकट देती है यह अलग बात है लेकिन अभी इन चारों के अलावा कुछ और नाम भी अन्त समय तक सामने आ सकते है। भाजपा भी इस बार चुनाव मैदान में कांग्रेस उम्मीदवार के सामने किसी मजबूत उम्मीदवार को खड़ा करेगी जो कोई नया चेहरा भी हो सकता है। पार्टी ने पहले ही यह घोषणा कर दी है कि इस बार जीतने वाले विधायकों में से 40 के टिकट प्रदेश में कटेंगे। इनमें से तीन नामों की भीलवाड़ा में भी चर्चा है। इनमें हारे और जीते उम्मीदवार भी सकते है। 

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