वल्र्ड रिकॉर्ड ऑफ बुक लन्दन में नाम दर्ज करा पायड़ा जैन समाज ने रचा इतिहास

 


 उदयपुर,BHN   ऐतिहासिक धर्म नगरी उदयपुर के पायड़ा स्थित पद्मप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में गणधराचार्य कुंथुसागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य देवश्रमण आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज, मुनि अजयदेव व भट्टारक देवेंद्र विजय, ब्रम्हचारिणी आराधना दीदी व अमृता दीदी संघ के सानिध्य में आयोजित हो रहे चातुर्मास का भव्य समापन पिच्छी परिवर्तन एवं कार्यकर्ता सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ। इसी के साथ पायड़ा जैन समाज ने 51 दिवसीय अखण्ड आराधना विधान एवं 51 घण्टे का अखण्ड हवन कर देश-दूनिया में परमचम फैला वल्र्ड रिकार्ड ऑफ बुक लन्दन में नाम दर्ज कराया। 

प्रचार संयोजक संजय गुडलिया, दीपक चिबोडिया ने बताया कि टाउन हॉल स्थित सुखाडिय़ा रंगमंच पर आयोजित पिच्छी परिवर्तन समारोह में हजारों श्रावक-श्राविकाओं से खचाखच भरे सभागार में जब आचार्य संघ का पदारपण हुआ तो मानो एकाएक आचार्य संघ के जयकारों से पूरा सभागार गुंज उठा और जयकारें लगाते हुए श्रावकों ने आचार्य को अपनी हथेलियों पर चलाकर मंच तक पंहुचाया। अलग-अलग बालिकाओं द्वारा सुन्दन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। वहीं आचार्य के स्वागत मेें पलक-पावड़े बिछाए मौजूद हजारों श्रावक-श्राविकाएं जयकारें लगाते रहे। इस दौरान सकल दिगम्बर जैन समाज पायड़ा, आयड़ व केशवनगर, झाड़ोल, सराड़ा, सेमारी, देवपुरा, गींगला, उदयपुर, जयपुर, दिल्ली, मुम्बई, ओरंगाबाद, कनोर्टक, देवलगांव सहित देशभर से श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष धनराज सकावत एवं मंत्री मांगीलाल सलूम्बरिया ने बताया सोमवार को प्रात:काल की वेला में आचार्य संघ के सानिध्य में मूलनायक भगवान पद्मप्रभु एवं पाश्र्वनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। उसके बाद टाउन हॉल स्थित नगर निगम के सुखाडिय़ा रंगमंच पर आयोजित पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम में पाद प्रक्षालन शांतिलाल वेलावत, कालूलाल गुडलिया, शास्त्र भेंट रत्नेश शाह, रमेश चिबोडिया, अनलि-प्रवीण सकरावत, अजीत कर्मावत, महावीर चिबोडिया, दीप प्रज्ज्वलन फतहलाल सिंघवी, पवन गोदिका जयपुर, सुरेश बारणोत, धनराज मल्लावत ने किया। चित्र अनावरण शांतिलाल नागदा, ऋषभ जैन, विमल नाथुत, पुरणमल चिबोडिया, भंवरलाल मुण्डलिया, सुमति प्रकाश दुदावत, राजेश देवड़ा, सुरेश चिबोडिया ने किया। मंगलाचरण ब्रम्हचारिणी आराधना दीदी व अमृता दीदी ने किया। मंच का संचालन मध्यप्रदेश के प्रदीप खण्डवा ने किया। 

- तीनों पिच्छियों का हुआ परिवर्तन 

प्रवक्ता प्रवीण सकरावत ने बताया कि आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज की मुख्य पिच्छी चन्द्र शेखर, भगवतीलाल चिबोडिया द्वारा, मुनि अजय देव की पिच्छी प्रकाश कुमार, मुकेश गुडलिया एवं  भट्टारक देवेन्द्र विजय महाराज की पिच्छी राहुल, दिनेश गुडलिया द्वारा परिवर्तन कराई गई। श्रावकों द्वारा थाल में सजाई हुई पिच्छी को जब आचार्य के समक्ष भेंट की तो भजनोंं पर झुमते-गाते एवं आचार्य संघ के जयकारें लगाते हुए वातावरण को गुंजायमान कर दिया।  

- वल्र्ड बुक ऑफ लन्दन की टीम ने सौंपा प्रमाण पत्र 

चातुर्मास समिति अध्यक्ष धनराज सकावत ने बताया कि 51 दिवसीय अष्टलक्ष्मी सिद्धी कारक, मनोकामना पुर्तिकर्ता सिद्धी कर्ता, सर्व उपद्रव विनाशक, रोग-शोक तथा सप्तभय निवारक, सर्व कार्य सिद्धी, सुख शांति समृद्धि प्रदायक, अष्टलक्ष्मी, कल्याणमंदिर चिंतामणी पाश्र्वनाथ प्रभु का अखण्ड आराधना विधान के तहत उदयपुर के इतिहास में पहली बार वल्र्ड बुक ऑफ रिकोर्ड लन्दन में नाम दर्ज करवाया। जिसका प्रमाण पत्र लन्दन से वल्र्ड रिकार्ड ऑफ बुक की टीम के सीईओ संतोष शुक्ला के नेतृत्व में राजेश शुक्ला, प्रियंका शुक्ला व तीथि भल्ला द्वारा आचार्य संघ एवं चातुर्मास समिति पायड़ा के सभी पदाधिकारियों को इस विश्व कीर्तिमान रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा गया।  

- णमोकार वार्षिक कैलण्डर का विमोचन 

प्रचार संयोजक संजय गुडलिया, दीपक चिबोडिया ने बताया कि णमोकार संस्थान के मुख्य संयोजक मुकेश मुण्डलिया एवं हेमंत खलुडिया एवं सदस्यों की ओर से पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम में आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज संघ के सानिध्य में णमोकार सेवा संस्थान ट्रस्ट का वार्षिक कलेण्डर का विमोचन भी किया गया। 

आयोजित धर्मसभा में आचार्य कुशाग्रनंदी महाराज ने कहा कि संयम साधना के पथ पर चलने वाला जीवन की मंजिल को प्राप्त कर सकता है। जीवन में भटकाने वाले कई आएंगे लेकिन हमे अपना लक्ष्य नहीं भूलना चाहिए और हमेशा संयम साधना से खुद को जोड़े रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी जीवन शैली जिनशासन के अनुरूप हो इसके लिए प्रयास करना चाहिए। 

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