जीर्ण शीर्ण भवन में संचालित हो रहा मंगरोप पटवार कार्यालय

 


मंगरोप (मुकेश खटीक) गांव के हमीरगढ़ मार्ग पर अम्बेडकर सर्कल के पास स्थित पटवार भवन करीब 35 साल से एक ही जर्जर कक्ष में संचालित हो रहा है।यह भवन पूरी तरह से जिर्ण क्षिर्ण हो गया हैं।पास ही खाली पड़े भूखण्ड पर लोग कूड़ा करकट डालते हैं जिससे वहां कूड़े करकट का पहाड़ बन गया हैं जिससे वहां पर दुर्गन्ध फ़ैल रही हैं जिससे नाना प्रकार की बीमारिया फैलने की आशंका बनी हुई हैं। इसकी दुर्गन्ध इतनी भयंकर आती हैं की लोगों का भवन के आसपास खटकना भी दुभर हो रहा हैं।आज से करीब 15 साल पहले 2008 में ईस भवन के सामने ही भू अभीलेख शाखा के लिए लाखों रुपयों की लागत से नये भवन का निर्माण किया गया था।लेकिन किन्ही कारणों के चलते उसका लोकार्पण भी नहीं हो पाया और आज भी यह भवन लोकार्पण के इंतजार में जिर्ण क्षिर्ण हो चूका हैं एवं जानवरों और बदमाशों की शरण स्थली बनकर रह गया हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब दो सप्ताह पूर्व भवन के नवनिर्माण को लेकर तहसील कार्यालय से आऐ अधिकारियों ने भूमि का नाप चौप लिया था।लेकिन दो सप्ताह से ज्यादा बीतने पर भी उसकी रुपरेखा अबतक सुनियोजित नहीं हो पाई हैं।आस-पास रहने वाले ग्रामीणों को भी यहां लगे हुए गंदगी के अम्बार से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पटवार भवन के भीतर के पिछले हिस्से में पक्षियों की लिद से गन्दगी जमा हो रही हैं जिसकी दुर्गन्ध से भी लोगों का अन्दर जाना दुभर हो रहा हैं।पटवार भवन के आस पास गन्दगी के ढेर से लाखों रुपयों की बेसकीमती सरकारी भूमि उजाड़ पड़ी हुई है।अगर यहां की नियमित सफाई हो तो लोग यहां पर कचरा नहीं डाल पाएंगे और मोहल्ले वासियों को भी गंदगी से निजात मिल जाएगी।  

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