यश सुसाइड केस- मोबाइल कॉल डिटेल से खुलेगा राज, आखिर कहां से आई पिस्टल

 


 भीलवाड़ा  बीएचएन। जिला अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी से कुछ कदम की दूरी पर एक दिन पहले गुरुवार की रात कनपटी पर पिस्टल रखकर ट्रिगर दबाने वाले यश व्यास ने आज सुबह उदयपुर में दम तोड़ दिया। खुदकुशी को लेकर अनसुलझी पहेलियों को अब भीमगंज पुलिस सुलझाने में लगी है। कथित तौर पर एक तरफा प्यार के चलते इतना बड़ा कदम उठाने वाले यश ने सुसाइड में जो पिस्टल काम में ली, उसकी खरीद-फरोख्त की जांच कर रही पुलिस  मामले की तह तक जाने के लिए  मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवा रही है। सूत्रों की माने तो इस कॉल डिटेल से और भी राज खुल सकते हैं।  

पुलिस सूत्रों के अनुसार,  कारोई थाने के मेघरास में रहने वाले सुरेश चंद्र व्यास के बेटे यश व्यास ने गुरुवार रात 11 बजकर तीन मिनिट पर महात्मा गांधी अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर स्थित पार्क के गेट के सामने यश ने पिस्टल को कनपटी से सटाकर ट्रिगर दबा दिया था। इसके चलते वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा ।  पुलिस मौके पर पहुंची और घायल यश को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया , जहां से दे रात यश को उदयपुर रैफर कर दिया गया। जहां शुक्रवार सुबह यश ने दम तोड़ दिया। भीमगेंज पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। मृतक के बड़े भाई राहुल ने इस घटना को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दी, जिसमें यश के पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी करने की बात कही गई है। ऐसे में पुलिस ने राहुल की रिपोर्ट पर आत्महत्या व हथियार से संबंधित केस दर्ज किया है। पुलिस अब यश ने सुसाइड के काम ली पिस्टल को लेकर भी जांच में जुटी है। यश, यह पिस्टल कब व किससे लाया, इसका पता लगाने के लिए उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही है। इस जांच से कई और राज खुलने की भी संभावना है। 

यश के सुसाइड के बाद भी चार कारतूस और थे पिस्टल में  
यश व्यास ने पिस्टल से सिर में गोली मारकर खुदकुशी की। इस एक राउंड फायर के बाद  भी पिस्टल में कारतूस थे। इन कारतूस की संख्या पुलिस चार बता रही है। पिस्टल, देसी है या कोई और इसका पता लगाने के साथ ही पुलिस पिस्टल से फायर हो सकते हैं या नहीं, इसकी जांच करवाने के लिए पिस्टल को पुलिस लाइन भिजवाया है। आरमौर इसकी रिपोर्ट जांच के बाद पुलिस को देंगे। 

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