मुख्यमंत्री 5 लाख लीटर डेयरी संयंत्र का उद्घाटन और केटलफीड का इसी माह करेंगे शिलान्यास-मंत्री जाट

भीलवाड़ा (हलचल)। भीलवाड़ा डेयरी जल्दी ही पशु आहार का एक और प्लांट स्थापित करने जा रही है जिसका शिलान्यास और भीलवाड़ा डेयरी में स्थापित 5 लाख लीटर दूध संयंत्र का इसी माह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उद्घाटन करेंगे। संभावना है कि 14 अगस्त बाद कभी भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। वहीं डेयरी बायोगैस संयंत्र स्थापना के साथ ही दुग्ध उत्पादकों से एक रुपए किलो गोबर खरीदने की योजना भी जल्दी ही शुरू कर रही है जिससे किसानों को सम्बल मिलेगा। 
यह बात आज भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. की 164वीं संचालक मण्डल की बैठक के बाद डेयरी के डायरेक्टर और राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कही। जाट ने बताया कि भीलवाड़ा डेयरी परिसर में 78 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री गहलोत के हाथों इसी माह कराया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि डेयरी ने गुलाबपुरा लाम्बा के निकट निलामी में एक बड़ी जमीन खरीदी है जहां केटलफीड का 150 मैट्रिक टन के प्लांट की स्थापना करने जा रही है। इस पर शुरूआत में 40 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे। प्रारंभ में 50 मैट्रिक टन का प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। इस प्लांट के शिलान्यास की इसी महीने योजना है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसकी आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा भीलवाड़ा में भी 40 करोड़ के प्लांट के विस्तार की योजना को हाथ में लिया गया है। जाट ने बताया कि बैठक में 10 करोड़ 12 लाख रुपए की बायो मेथेनेशन प्लांट एवं 7 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत से एनपीडीडी परियोजना के विस्तार को भी अन्तिम रूप दिया गया। 
600 मैट्रिक टन दूध पाउडर का मिला आर्डर :
जाट ने बताया कि राज्य सरकार सेे भीलवाड़ा डेयरी से 600 मैट्रिक टन दूध पाउडर खरीदने का आर्डन मिला है। उन्होंने बताया कि यह दूध राज्य सरकार के बालगोपाल योजना के तहत कुपोषित बच्चों को मिड डे मिल के तहत बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है। 
बारां जिले में होगी दूध खरीद फरोख्त :
भीलवाड़ा डेयरी अब बारां जिले में अपने उत्पाद की बिक्री करेगी। इसका अधिकारी हाल में राज्य सरकार ने दिया है और डेयरी इस जिले से किसानों का दूध खरीद कर वहां डेयरी स्थापना की ओर कदम बढ़ायेगी। जाट ने बताया कि राजसमंद में भी पहले ऐसे ही प्रयास किये गये और अब वहां डेयरी स्थापित की जा चुकी है। 
जाट ने बताया कि भीलवाड़ा डेयरी किसानों को इस बार दीपावली पर तीन तरह के भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि डेयरी ने दुग्ध उत्पादक किसान निधि कोष योजना के तहत एक प्रस्ताव लिया है जिसमें दुग्ध उत्पादकों को 10 रुपए प्रति किलो फेट के हिसाब से दीपावली पर भुगतान किया जाएगा जिससे उन्हें अच्छी खासी इनकम होगी। 
बायोगैस संयंत्र बन रहे है उत्पादकों के सम्बल :
भीलवाड़ा डेयरी द्वारा बड़ला और आमेसर में 112 दुग्ध उत्पादकों के यहां बायोगैस संयंत्र स्थापित किये गये है जिससे उनके घरों में रसोई के हर काम बायोगैस से हो रहे है। डेयरी की आशा ने बताया कि किसानों को 20 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग दिया गया और 10 हजार रुपए प्रत्येक दुग्ध उत्पादक ने दिए है जिससे बायोगैस संयंत्र स्थापित किया गया है । इससे उन्हें अब गैस सिलेण्डर खरीदने की जरूरत नहीं रही है और न ही चूल्हा फूंकने की जिससे उनका बीमारियों से बचाव भी हो रहा है। जाट ने बताया कि बायोगैस से प्रत्येक उत्पादकों को हजार रुपए माहवारी गैस सिलेण्डर खरीदने के बच रहे है। वहीं इससे निकलने स्लरी डेयरी 75 पैसे से 1.25 रुपए के बीच प्रति किलो के हिसाब से कर रही है। यह स्लरी आर्गन खाद के रूप में काम में ली जा रही है जिससे होने वाली फसलें बिना रसायनयुक्त होती है और वह काफी लाभदायक है। उन्होंने बताया कि डेयरी अब 1 करोड़ रुपए की लागत से वहां बड़ा संयंत्र लगाने जा रही है। डेयरी के दुग्ध उत्पादक अरविंद सेन, उदयलाल रायता ने कहा कि गैस संयंत्र लगने से उन्हें आम के आम और गुठलियों के दाम जैसा लाभ मिल रहा है। गैस के पैसे भी नहीं लग रहे है और गोबर भी बिक रहा है जिससे उन्हें दुगूनी आमदनी हो रही है। 
50 नये बीएमसी की होगी स्थापना :
राजस्व मंत्री जाट ने बताया कि भीलवाड़ा डेयरी जल्दी ही 50 नये बीएमसी स्थापित करने जा रही है इसका फैसला ले लिया गया है। इसके लिए भवन भी तैयार है। इसके लिए 60 प्रतिशत ग्रांट मिल रही है और 40 प्रतिशत संघ खर्च करेगा। बीएमसी के लिए मशीनें जल्द लगा दी जाएगी। 

इस मौके पर गोपाल कुमावत, सीईओ जि‍ला परि‍षद शि‍ल्‍पा सि‍ंह, डॉ रवि‍न्‍द्र योगी, वि‍पि‍न शर्मा, एल.के.जैन, आशा शर्मा, अरवि‍न्‍द गर्ग के साथ ही संचालम मण्‍डल के सदस्‍य उपस्‍थि‍त थे।
 

टिप्पणियाँ

समाज की हलचल

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं ध्वज, कैसा होना चाहिए इसका रंग, किन बातों का रखें ध्यान?

समुद्र शास्त्र: शंखिनी, पद्मिनी सहित इन 5 प्रकार की होती हैं स्त्रियां, जानिए इनमें से कौन होती है भाग्यशाली

सुवालका कलाल जाति को ओबीसी वर्ग में शामिल करने की मांग

मैत्री भाव जगत में सब जीवों से नित्य रहे- विद्यासागर महाराज

25 किलो काजू बादाम पिस्ते अंजीर  अखरोट  किशमिश से भगवान भोलेनाथ  का किया श्रृगार

महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित गिरफ्तार

डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिये कटा हुआ हाथ जोड़ा