आमजन व पशु पक्षियों के जीवन को बचाने को लेकर चाईनीज मांझे एवं धातु मिश्रित मांझे पर रहेगी रोक

 




भीलवाड़ा  जिला मजिस्ट्रेट आशीष मोदी ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों एवं दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदेश शक्तियों का प्रयोग कर मकर संक्रान्ति पर्व को लेकर आमजन व पशु पक्षियों के जीवन को बचाने को लेकर चाईनीज मांझे एवं धातु मिश्रित मांझे के प्रयोग पर रोक लगाई गयी है। इस हेतु आमजन एवं पशु पक्षियों के जीवन को किसी भी प्रकार की कोई क्षति ना पहुंचे इसके लिए जिला कलेक्टर ने मकर संक्रान्ति पर्व पर भीलवाड़ा जिले की शहरी व ग्रामीण सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में निषेधाज्ञा जारी की गयी है।
        जिला कलक्टर  मोदी ने बताया कि मकर संक्रान्ति पर्व के उपलक्ष्य में इन दिनों बाजार में पतंग व्यापारी अपने क्षणिक लाभ के लिए अवेध चाईनीज मांझे एवं धातु मिश्रित मांझे का विक्रय कर रहे है। जो कि आमजन व पशु पक्षियों के जीवन के लिए घातक है। ऐसे में इस तरह के उत्पादों के निर्माण, भण्डारण, विक्रय एवं उपभोग पर प्रतिबन्ध लगाया जाना आवश्यक है। इसके लिए जिले में कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक  अथवा सिंथेटिक धागे से बने मांझे, चाइनीज मांझे, हानिकारक जहरीले पदार्थों जैसे लोहा पाउडर/ग्लास पाउडर आदि से बने मांजे का निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग नही करेगा। निषेधाज्ञा के दौरान जिले में प्रातः 6 से 10  बजे तक एवं सायं 5 से 7 तक की अवधि के दौरान पतंगबाजी पर पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश आज से 31 जनवरी 2023 तक जिले की संपूर्ण सीमा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।

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