दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी श्रंखला का आयोजन

 

भीलवाड़ा स्थानीय संगम विश्वविद्यालय भीलवाड़ा में स्कूल आफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तत्वाधान में "ऑटोमेशन तकनीक और उद्योगों पर इसका प्रभाव" विषय पर दो दिवसीय नेशनल सेमिनार श्रंखला का आयोजन  किया गया। 16 ,17 मार्च को आयोजित सेमिनार संयोजक प्रो अर्चना अग्रवाल ने बताया की दो दिवसीय सेमिनार के प्रथम दिन कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया तथा कौशल विकास एवं दो दिवसीय सेमिनार की रूपरेखा को बताया ।विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर राजीव मेहता ने इंजीनियरिंग विभाग को बधाई देते हुए बताया कि 2003 में आईटीएम की शुरुआत इंजीनियरिंग से ही हुई थी तथा निश्चित ही यह दो दिवसीय सेमिनार अपनी ऑब्जेक्टिव को पूरा करेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर करुणेश सक्सेना ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़ कर बताया कि ऑटोमेशन तकनीक की यह सेमिनार सभी छात्र-छात्राओं को एक दिशा देगा एवं नए-नए स्किल को सीख कर निश्चित ही उद्योग एवं बिजनेस में अपने कौशल को रूपांतरित करेंगे। राष्ट्रीय सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रणल मोदानी, मुख्य बिजनेस  रणनीतिकार, संगम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड भीलवाड़ा ने अपने उद्बोधन में बताया कि किस तरह से वर्तमान में विश्व में बिजनेस चल रहा है और व्यवसाय,उद्योगों  में किस तकनीक तथा कोशल की आवश्यकता है उसको समझने की जरूरत है। प्रणल मोदानी ने बताया की समय के अनुसार  सेधांतिक के साथ साथ प्रायोगिक ज्ञान की वर्तमान में आवश्यकता है। डा नमिता मित्तल,एसोसिएट प्रोफेसर एमएनआईटी ने भी अपने विचार रखे।राष्ट्रीय सेमिनार के प्रथम सत्र में प्रो करुणेश सक्सेना द्वारा  चैट जीपीटी ए न्यू एरा ऑफ ए आई, डा नमिता मित्तल,एसोसिएट प्रोफेसर एमएनआईटी जयपुर ने डाटा साइंस एडवांसमेंट तथा डा अंब्रिश जोशी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ई कनेक्ट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड उदयपुर ने एप्लीकेशन एंड ग्रोथ ऑफ़ एनालिटिक्स तथा विश्वविद्यालय के डीन ऑफ इंजीनियरिंग प्रोफेसर विनेश अग्रवाल ने इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन यूजिंग पीएलसी स्काडा विषय पर सेमिनार में अपने विचार रखे । सह संयोजक डा विकास सोमानी ने बताया की देशभर से लगभग 250 छात्र छात्राओं ने इस सेमिनार ने ऑनलाइन ऑफलाइन मध्यम से भाग लिया है।कार्यक्रम का संचालन फैकल्टी अदिति तुलचानी,पल्लवी पुरोहित ने किया।इस अवसर पर डीन इंजीनियरिंग प्रो विनेश अग्रवाल,डीन रिसर्च प्रो राकेश भंडारी सहित सभी फैकल्टी स्टाफ मोजूफ थे।

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